गोरखपुर
धस्का गांव में वृद्धा के साथ ठगी की घटना
गोरखपुर जिले के गोला बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत धस्का गांव में एक बार फिर टप्पेबाजों की धरपकड़ ने लोगों में दहशत फैला दी है। 18 फरवरी 2026 की सुबह करीब 10 बजे दो मोटरसाइकिल सवार युवक गांव पहुंचे। उन्होंने गोला रोड स्थित कमालुद्दीन के घर में जेवर साफ करने का बहाना बनाकर प्रवेश किया। उस समय घर में अकेली वृद्धा शाहिदा (उम्र लगभग 65 वर्ष) मौजूद थीं। ठगों ने बातचीत के दौरान उनके हाथ में पहने सोने के कंगन को देखा और उसे साफ करने की बात कही।
कैसे हुई लूट: रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल
प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़िता के बयान के अनुसार, दोनों युवकों ने पहले शाहिदा से बातचीत शुरू की और खुद को जेवर साफ करने वाले पेशेवर बताया। उन्होंने कहा कि वे विशेष रसायन से सोने को चमकदार बनाते हैं। बातों-बातों में उन्होंने शाहिदा के कंगन पर कोई रासायनिक पदार्थ छिड़क दिया। जैसे ही कंगन उनके हाथ से निकला, दोनों युवकों ने उसे झट से छीन लिया और भागने लगे। शाहिदा ने चिल्लाकर मदद मांगी, लेकिन तब तक ठग मोटरसाइकिल पर सवार हो चुके थे।
गांव के कुछ लोगों ने हंगामा सुनकर दौड़कर पीछा किया। ठगों ने देखा कि लोग उनकी मोटरसाइकिल का पीछा कर रहे हैं, तो उन्होंने बाइक सड़क किनारे छोड़ दी और पैदल ही खेतों की ओर भाग निकले। पीछा करने वाले ग्रामीणों ने बाइक जब्त कर ली, लेकिन ठग जंगल की ओर फरार हो गए।
लूट का सामान और बरामद बाइक
शाहिदा के अनुसार, सोने का कंगन करीब 30-35 ग्राम का था, जिसकी अनुमानित कीमत 2.5 लाख रुपये से अधिक है। ठगों द्वारा छोड़ी गई मोटरसाइकिल UP-53 सीरीज की बुलेट थी। पुलिस ने इसे कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। बाइक के नंबर प्लेट से मालिक की तलाश की जा रही है, लेकिन संभावना है कि यह चोरी या फर्जी नंबर की हो।
पुलिस कार्रवाई और जांच की स्थिति
गोला बाजार थाने में शाहिदा ने तहरीर दी, जिसके आधार पर धारा 380 (घर में चोरी), 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 34 (साझा इरादा) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। आसपास के गांवों में सतर्कता बरतने की अपील की गई है। पुलिस ने ठगों की स्केच तैयार करवाने और आसपास के थानों में अलर्ट जारी करने का फैसला लिया है।
पूर्वांचल में बढ़ते टप्पेबाजों के मामले
यह घटना पूर्वांचल में पिछले कुछ महीनों में हुई कई ठगी की घटनाओं का हिस्सा है।
जेवर साफ करने, पुराने सिक्के खरीदने, लॉटरी लगने जैसे बहाने बनाकर लोग ठगे जा रहे हैं।
विशेष रूप से बुजुर्गों और अकेली महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और
पुलिस की त्वरित पहुंच न होने से ठगों का मनोबल बढ़ा हुआ है।
सलाह: कैसे बचें ऐसी ठगी से
- अजनबियों को घर में अकेले न आने दें।
- जेवर साफ करने या कोई रसायन लगाने वाले दावों पर भरोसा न करें।
- संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो तुरंत पड़ोसियों या पुलिस को सूचित करें।
- सोने-चांदी के गहने पहनकर अकेले घर में न रहें।
- किसी भी तरह का रासायनिक पदार्थ गहनों पर न लगवाएं।
लूट का शिकार हुई वृद्धा, न्याय की उम्मीद
धस्का गांव की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि
टप्पेबाज कितने चालाक और खतरनाक हो सकते हैं।
शाहिदा जैसे असहाय बुजुर्गों की सुरक्षा अब समाज और पुलिस दोनों की जिम्मेदारी है।
उम्मीद है कि पुलिस जल्द ठगों को पकड़ेगी और लूटा हुआ
कंगन बरामद करेगी। तब तक ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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