गोरखपुर के डढ़वा गांव
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सिकरीगंज थाना क्षेत्र के डढ़वा गांव में सोमवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। छुट्टा पशुओं से मटर की फसल बचाने के लिए खेत के चारों ओर लगाए गए झटका मशीन के तार में करंट की चपेट में आने से मां और बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक हैं रीता देवी (45 वर्ष) और उनका 16 वर्षीय बेटा हिमांशु। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
हादसे का पूरा विवरण
डढ़वा गांव निवासी दीनदयाल मौर्य ने अपनी मटर की फसल को छुट्टा पशुओं से बचाने के लिए खेत के चारों ओर झटका मशीन (इलेक्ट्रिक फेंसिंग) का तार लगा रखा था। सोमवार को दीनदयाल की पत्नी रीता देवी और बेटा हिमांशु खेत के किनारे काम कर रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार, पहले हिमांशु तार के संपर्क में आया और करंट की चपेट में आ गया। उसे बचाने के लिए मां रीता देवी दौड़कर पहुंचीं, लेकिन वे भी तार में फंस गईं और करंट की चपेट में आ गईं। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार के सदस्य और ग्रामीणों ने बताया कि तार में करंट चल रहा था, लेकिन हादसे के समय इसे बंद करना या हटाना भूल गए थे। झटका मशीन आमतौर पर फसल सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होती है, लेकिन गलत हैंडलिंग या सावधानी की कमी से यह जानलेवा साबित हो गई।
परिवार और गांव में कोहराम
दीनदयाल मौर्य का परिवार सदमे में है। हिमांशु परिवार का इकलौता बेटा था और पढ़ाई के साथ खेती-बाड़ी में भी हाथ बंटाता था। रीता देवी घर की मुख्य स्तंभ थीं। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसी मशीनों का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए और तार लगाने के बाद साइन बोर्ड या अलर्ट जरूर लगाना चाहिए।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
सिकरीगंज पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने हादसे का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
झटका मशीन के मालिक दीनदयाल मौर्य से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कहा कि
यदि लापरवाही साबित हुई तो उचित कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि
फसल सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रिक फेंसिंग मशीनों का उपयोग
सावधानीपूर्वक करें और बच्चों-महिलाओं के पास तार न लगाएं।
झटका मशीन हादसों पर बढ़ती चिंता
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में छुट्टा पशुओं से फसल बचाने के लिए झटका मशीन का इस्तेमाल आम है,
लेकिन कई बार गलत इंस्टॉलेशन या सावधानी की कमी से हादसे हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी
मशीनों में लो-वोल्टेज करंट होना चाहिए और तार को जमीन से उचित ऊंचाई पर रखना चाहिए।
साथ ही मशीन को इस्तेमाल न होने पर बंद रखना जरूरी है। इस घटना ने
एक बार फिर ग्रामीण सुरक्षा उपकरणों पर सख्त दिशा-निर्देशों की जरूरत पर जोर दिया है।
यह हादसा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और
परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति दें। ग्रामीणों से अपील है कि
ऐसी मशीनों का उपयोग सावधानी से करें ताकि कोई और परिवार इस तरह के दर्द से गुजरने न पाए
