गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा
गोरखपुर में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर (मिनरल वॉटर) की गुणवत्ता को लेकर बड़ा एक्शन हुआ है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ के निर्देश पर चलाए गए विशेष राज्यस्तरीय जांच अभियान के तहत गोरखपुर में 11 पानी प्लांटों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इन प्लांटों पर तत्काल उत्पादन और बिक्री पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई 9 और 10 जनवरी को अंतरजनपदीय टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद ली गई है। प्राथमिक रिपोर्ट में गंभीर खामियां पाई गई हैं और विस्तृत जांच रिपोर्ट में पानी की लैब रिपोर्ट असुरक्षित आने की संभावना जताई जा रही है।
जांच अभियान और कार्रवाई का विवरण
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने पूरे उत्तर प्रदेश में पैकेज्ड पानी और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। लखनऊ से निर्देश मिलने के बाद गोरखपुर में भी अंतरजनपदीय टीम सक्रिय हुई। टीम ने 9 और 10 जनवरी को विभिन्न प्लांटों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि कई प्लांटों में:
- स्वच्छता मानकों का पालन नहीं हो रहा था
- पानी की फिल्ट्रेशन और टेस्टिंग प्रक्रिया में कमी
- लेबलिंग और पैकेजिंग नियमों का उल्लंघन
- आवश्यक लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन में अनियमितता
प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर 11 प्लांटों के लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिए गए। इन प्लांटों को उत्पादन रोकने और बाजार में उपलब्ध स्टॉक वापस लेने के आदेश दिए गए हैं। विभाग ने साफ कहा है कि विस्तृत लैब रिपोर्ट आने पर यदि पानी असुरक्षित पाया गया तो लाइसेंस रद्द करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रभावित प्लांट और बाजार पर असर
गोरखपुर में लोकप्रिय ब्रांडों के कई प्लांट इस कार्रवाई में शामिल हैं। इन प्लांटों से रोजाना हजारों लीटर पैकेज्ड पानी बाजार में सप्लाई होता था। लाइसेंस निलंबन के बाद इन प्लांटों में काम बंद हो गया है और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। बाजार में अब स्थानीय स्तर पर अन्य ब्रांडों की मांग बढ़ गई है। उपभोक्ताओं में भी जागरूकता बढ़ी है और लोग अब केवल FSSAI प्रमाणित और लाइसेंस्ड ब्रांड ही खरीद रहे हैं।
विभागीय अधिकारी का बयान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यह अभियान पूरे राज्य में चल रहा है और गोरखपुर में मिली खामियां चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा, “जनता की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राथमिक जांच में ही इतनी गंभीर खामियां मिली हैं, तो लैब रिपोर्ट में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।” विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे पैकेज्ड पानी खरीदते समय लाइसेंस नंबर,
FSSAI मार्क और एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें।
गोरखपुर में पानी के 11 प्लांटों के लाइसेंस निलंबित होना एक बड़ा कदम है,
जो जन स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
यह कार्रवाई बताती है कि खाद्य सुरक्षा विभाग अब सख्ती से काम कर रहा है।
उपभोक्ताओं को भी जागरूक रहने की जरूरत है
ताकि असुरक्षित पानी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सके।
विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल इन 11 प्लांटों से कोई उत्पादन या बिक्री नहीं हो रही है