Gorakhpur News: गोरखधाम में चढ़ने के लिए यात्रियों में धक्का-मुक्की—यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला, जब गोरखधाम एक्सप्रेस में चढ़ने के लिए यात्रियों के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की हो गई। रोजाना हजारों यात्रियों की भीड़ इस ट्रेन पर निर्भर करती है, क्योंकि यह दिल्ली और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सबसे व्यस्त यात्री ट्रेन मानी जाती है। लेकिन भीड़ बढ़ने और पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण हालात बेकाबू हो गए, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


भीड़ क्यों हुई?

गोरखधाम एक्सप्रेस हमेशा ही यात्रियों से खचाखच भरी रहती है। इस दिन भीड़ सामान्य से अधिक थी। छुट्टियों, त्योहारों या सप्ताहांत के कारण अक्सर यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। कई लोग बिना रिजर्वेशन जनरल कोच में चढ़ने की कोशिश करते हैं, जिससे प्लेटफॉर्म पर धक्का-मुक्की तेज हो जाती है।

इसके अलावा ट्रेन के आने के समय प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त पुलिस बल और रेलवे स्टाफ मौजूद नहीं थे, जिसकी वजह से भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया।


धक्का-मुक्की के दौरान यात्रियों की परेशानी

धक्का-मुक्की वाली स्थिति में कई यात्री गिरते-पड़ते दिखे। बच्चों और बुजुर्गों को चढ़ने में विशेष कठिनाई हुई। महिलाओं के लिए हालात और भी कठिन थे, क्योंकि अनियंत्रित भीड़ में सुरक्षा का अभाव सबसे बड़ा खतरा बन जाता है।

कई यात्रियों ने बताया कि—

  • दरवाजे पर सबसे पहले चढ़ने की होड़ में लोग एक-दूसरे को धकेल रहे थे
  • कुछ यात्री सीट पाने की जल्दबाजी में पूरी ताकत लगा रहे थे
  • बच्चों को गोद में लेकर चढ़ना बेहद जोखिम भरा हो गया था
  • सीढ़ियों के पास भीड़ के कारण लोग दबने की कगार पर पहुंच गए

इस तरह की स्थिति किसी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी।


प्रशासनिक लापरवाही या व्यवस्था में कमी?

यात्रियों का कहना है कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर समय रहते भीड़ प्रबंधन नहीं कर पाता। भारी भीड़ वाली ट्रेनों में सामान्य कोच बढ़ाने या अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था देने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन कार्रवाई कम दिखाई देती है।

प्रमुख समस्याएँ

  1. भीड़ प्रबंधन की कमी
    पर्याप्त रेलवे पुलिस व स्टाफ मौजूद नहीं था।
  2. अनारक्षित यात्रियों की भीड़
    जनरल बोगी कम होने से यात्री किसी भी डिब्बे में चढ़ने को मजबूर।
  3. प्लेटफॉर्म पर अनियंत्रित अव्यवस्था
    ट्रेन आने से पहले कोई उचित लाइन सिस्टम नहीं बनाया गया।
  4. यात्रियों की जल्दबाजी
    सीट बचाने की होड़ में यात्री सुरक्षा भूल जाते हैं।

सुरक्षा के लिए क्या हो सकता है?

ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और रेलवे दोनों को मिलकर मजबूत कदम उठाने होंगे—

✔ अधिक पुलिस बल की तैनाती

ट्रेन आते समय प्लेटफॉर्म पर RPF और GRP की संख्या बढ़ाई जाए।

✔ लाइन सिस्टम लागू

प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग कोचों के लिए साफ लाइन बनाई जाए।

✔ जनरल बोगियों की संख्या बढ़ाना

अतिरिक्त भीड़ वाले दिनों में एक-दो अतिरिक्त कोच जोड़े जाएँ।

✔ यात्रियों में जागरूकता बढ़ाना

अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को शांत और व्यवस्थित तरीके से चढ़ने की सलाह दी जाए।


निष्कर्ष

गोरखधाम एक्सप्रेस पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों की जीवनरेखा मानी जाती है, लेकिन भीड़ और असुरक्षित माहौल इसकी छवि को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। धक्का-मुक्की जैसी घटनाएँ न सिर्फ यात्रियों को परेशान करती हैं बल्कि गंभीर हादसों को भी जन्म दे सकती हैं।
यात्री और रेलवे—दोनों को मिलकर सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।