होली 2026 शुभ मुहूर्त
होली 2026: दो मार्च की रात होलिका दहन, चार मार्च को रंगभरी होली
गोरखपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में होली का उत्साह शुरू हो चुका है। इस वर्ष होलिका दहन दो मार्च की रात को मनाया जाएगा, जबकि रंगभरी होली चार मार्च को खेली जाएगी। पंडित विकास मालवीय ने बताया कि चैत्र मास की कृष्ण प्रतिपदा पर होली मनाने की परंपरा के अनुसार रंग खेलने का मुख्य दिन चार मार्च रहेगा। होलिका दहन के लिए भद्रा के पुंछ काल को शुभ माना गया है, जो रात्रि 12:50 बजे से 2:02 बजे तक रहेगा। यही एक घंटा 12 मिनट का समय होलिका दहन के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है।
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त: भद्रा पुंछ काल क्यों महत्वपूर्ण?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भद्रा का पुंछ भाग होलिका दहन के लिए सबसे शुभ होता है। इस वर्ष भद्रा का पुंछ काल रात 12:50 बजे शुरू होकर 2:02 बजे तक रहेगा। पंडित विकास मालवीय ने कहा कि इस समय में दहन करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। लोग इस मुहूर्त में ही होलिका की पूजा करेंगे, लकड़ी और गोबर के उपले जलाएंगे तथा रंग-गुलाल से होलिका को प्रसाद चढ़ाएंगे। गोरखपुर के रामगढ़ताल, गोलघर, बेटिया हाता और अन्य इलाकों में बड़े स्तर पर होलिका दहन की तैयारियां चल रही हैं।
तीन मार्च को चैत्र पूर्णिमा: स्नान-दान का विशेष महत्व
तीन मार्च को चैत्र पूर्णिमा है, जिसे होलिका दहन के अगले दिन माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान-दान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन गंगा, यमुना या स्थानीय नदियों-तालाबों में स्नान करने से पापों का नाश होता है। दान-पुण्य करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। गोरखपुर में रामगढ़ताल, नौकादल और अन्य जलाशयों पर हजारों श्रद्धालु स्नान करने पहुंचेंगे। पूर्णिमा पर दान में कंबल, अनाज, फल और वस्त्र देने की परंपरा है।
चार मार्च को रंगभरी होली: उत्साह और सुरक्षा के साथ मनाएं
चैत्र कृष्ण प्रतिपदा पर चार मार्च को रंगभरी होली खेली जाएगी। इस दिन लोग एक-दूसरे पर रंग, अबीर और गुलाल डालेंगे। गोरखपुर में होली मिलन के कार्यक्रम, लठमार होली और सामूहिक उत्सव आयोजित होंगे। पंडित विकास मालवीय ने सलाह दी कि होली का उत्साह परिवार और समाज में प्रेम बढ़ाने के लिए हो, न कि झगड़े के लिए। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का ध्यान रखें। प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करें और केमिकल रंगों से बचें।
होली 2026 की तैयारियां: गोरखपुर में क्या-क्या होगा?
गोरखपुर में नगर निगम और स्थानीय समितियां होलिका दहन स्थलों पर सफाई,
सुरक्षा और अग्निशमन की व्यवस्था कर रही हैं। रामगढ़ताल, गोलघर,
रेलवे स्टेशन क्षेत्र और विश्वविद्यालय परिसर में बड़े दहन कार्यक्रम होंगे।
होली के दिन ट्रैफिक पुलिस अलर्ट रहेगी। लोगों से अपील है कि शराब और गुंडागर्दी से दूर रहें।
होली का संदेश: प्रेम, एकता और नकारात्मकता का अंत
होलिका दहन प्रतीक है कि बुराई का अंत और अच्छाई की जीत। इस वर्ष होली का उत्साह
पुरानी परंपराओं के साथ नई ऊर्जा लेकर आएगा। दो मार्च की रात
होलिका दहन और चार मार्च को रंगों की होली से गोरखपुर खुशियों से भर जाएगा
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