रेलवे स्टेशन
गोरखपुर रेलवे स्टेशन को उत्तर पूर्व रेलवे (एनईआर) जोन में सबसे स्वच्छ स्टेशन का खिताब मिला है। यह उपलब्धि स्वच्छ भारत मिशन के तहत चलाए गए विशेष अभियान, स्टेशन प्रबंधन की मेहनत और यात्रियों के सहयोग से हासिल हुई। ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान करने का समारोह हाल ही में गोरखपुर में आयोजित किया गया, जहां स्टेशन अधीक्षक और रेलवे अधिकारियों ने इसे स्वीकार किया। गोरखपुर स्टेशन अब एनईआर के अन्य स्टेशनों के लिए मिसाल बन चुका है।
स्वच्छता अभियान की सफलता
उत्तर पूर्व रेलवे ने पिछले कुछ वर्षों में स्वच्छता को प्राथमिकता दी है। गोरखपुर स्टेशन पर नियमित सफाई, कूड़ा प्रबंधन, शौचालयों की देखभाल और प्लेटफॉर्म पर कूड़ेदान की पर्याप्त व्यवस्था की गई। स्टेशन पर रोजाना सुबह-शाम सफाई दल सक्रिय रहते हैं। इसके अलावा, यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए पोस्टर, घोषणाएं और डिजिटल स्क्रीन का उपयोग किया जाता है। रेलवे ने बायो-टॉयलेट, वाटर एटीएम और ग्रीन कवरेज बढ़ाकर स्टेशन को पर्यावरण-अनुकूल भी बनाया है। इन प्रयासों से स्टेशन पर कूड़ा बिखराव लगभग खत्म हो गया है।
ट्रॉफी वितरण और सम्मान समारोह
ट्रॉफी वितरण समारोह में एनईआर के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। गोरखपुर स्टेशन अधीक्षक ने कहा कि यह सम्मान पूरे स्टाफ और यात्रियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। स्टेशन पर लगे सोलर पैनल, LED लाइटिंग और डिजिटल इंडिकेटर बोर्ड ने भी स्वच्छता और आधुनिकता में योगदान दिया। रेलवे ने घोषणा की कि गोरखपुर स्टेशन अब अन्य स्टेशनों को ट्रेनिंग और गाइडलाइंस प्रदान करेगा। यह ट्रॉफी स्टेशन के लिए गर्व का विषय है और शहर की छवि को और बेहतर बनाएगी।
यात्रियों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
यात्रियों ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई। कई यात्रियों ने बताया कि गोरखपुर स्टेशन पर अब प्लेटफॉर्म साफ-सुथरे रहते हैं, शौचालय अच्छी स्थिति में हैं और कूड़ेदान हर जगह उपलब्ध हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्टेशन की स्वच्छता से शहर की साख बढ़ी है। गोरखपुर रेलवे स्टेशन उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्टेशनों में से एक है, जहां रोजाना हजारों यात्री आते-जाते हैं।
स्वच्छता का यह स्तर यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक महसूस कराता है।
रेलवे की भविष्य की योजनाएं
एनईआर ने कहा कि गोरखपुर स्टेशन की सफलता को अन्य स्टेशनों पर लागू किया जाएगा।
आने वाले समय में स्टेशन पर और अधिक हरित पहल, जैसे वर्टिकल गार्डन,
रेनवाटर हार्वेस्टिंग और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।
स्वच्छता अभियान को और मजबूत करने के लिए
रेलवे स्टाफ को नियमित ट्रेनिंग दी जा रही है। गोरखपुर स्टेशन अब अमृत
भारत स्टेशन योजना के तहत भी अपग्रेड हो रहा है, जिसमें और बेहतर सुविधाएं जुड़ेंगी।
गोरखपुर को एनईआर में सबसे स्वच्छ स्टेशन की ट्रॉफी मिलना एक बड़ी उपलब्धि है। यह न केवल रेलवे की
मेहनत का प्रमाण है, बल्कि शहरवासियों की जागरूकता और सहयोग का भी परिणाम है। स्वच्छता से जुड़ी
यह सफलता अन्य स्टेशनों और शहरों के लिए प्रेरणा बनेगी। गोरखपुर
रेलवे स्टेशन अब न सिर्फ सफर का केंद्र है, बल्कि स्वच्छता का प्रतीक भी बन चुका है।
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