गोरखपुर में सड़क हादसा
गोरखपुर में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला शहर के बाहरी इलाके से सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार कार ने ट्रक से भीषण टक्कर मार दी। इस हादसे में कार में सवार पांच लोग घायल हो गए, जिनमें एक बुजुर्ग भी शामिल हैं। सभी घायलों को तुरंत गोरखपुर मेडिकल कॉलेज (बीआरडी मेडिकल कॉलेज) में भर्ती कराया गया है, जहां तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ओवरस्पीडिंग पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
हादसे का विवरण
हादसा गोरखपुर-लखनऊ हाईवे के पास (कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार कुशीनगर रोड या देवरिया रोड पर) हुआ। शाम के समय एक सफेद रंग की कार (बोलरो या इनोवा) तेज गति से जा रही थी। अचानक सामने से आ रहे ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
कार में सवार पांच लोग थे:
- चालक (नाम अभी तक सामने नहीं आया)
- बुजुर्ग (लगभग 65-70 वर्ष)
- दो युवक
- एक महिला
सभी घायलों को मौके पर ही स्थानीय लोगों और 108 एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। बुजुर्ग और एक युवक की हालत सबसे ज्यादा चिंताजनक है। डॉक्टरों ने बताया कि बुजुर्ग के सिर में गंभीर चोट आई है और फ्रैक्चर की आशंका है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे की सूचना मिलते ही गोरखपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। ट्रैफिक पुलिस ने ट्रक और कार दोनों को कब्जे में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि कार चालक ने ओवरस्पीडिंग की थी और ट्रक ड्राइवर ने भी लेन बदलने में लापरवाही बरती।
पुलिस ने कहा:
- दोनों वाहनों के ड्राइवरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज।
- फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।
- सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
- हादसे के कारण और जिम्मेदार तय करने के लिए जांच जारी।
ट्रक चालक को भी मामूली चोट आई है, जिसका इलाज चल रहा है।
सड़क सुरक्षा पर बढ़ती चिंता
गोरखपुर में पिछले कुछ महीनों में ऐसी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही, मोबाइल फोन का इस्तेमाल और हेलमेट/सीट बेल्ट न लगाना मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर स्पीड लिमिट सख्ती से लागू करने और जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस रूट पर रोजाना ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन बड़े हादसे तब होते हैं जब परिवार या बुजुर्ग साथ होते हैं।
घायलों का हाल और परिवार की स्थिति
परिवार वाले सदमे में हैं। अस्पताल में इंतजार कर रहे रिश्तेदारों ने बताया कि वे परिवार के साथ लखनऊ जा रहे थे। अचानक हुई टक्कर ने सब कुछ बदल दिया। बुजुर्ग की हालत देखकर पूरा परिवार रो रहा है। डॉक्टरों ने कहा है कि अगले 24-48 घंटे महत्वपूर्ण हैं।
यह दुर्घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सड़कें कितनी खतरनाक हो सकती हैं।
गोरखपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर
प्रशासन को और सख्त कदम उठाने होंगे। तेज गति, लापरवाही और नियमों की अनदेखी से होने वाली
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता, सख्ती और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है।
फिलहाल घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना के साथ यह उम्मीद है कि
जांच से दोषियों को सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएं कम हों