गोरखपुर
गोरखपुर में एक प्रतिष्ठित डॉक्टर पर अश्लील फोटो भेजने, शारीरिक उत्पीड़न और छेड़खानी का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता, जो चिलुआताल थाना क्षेत्र की रहने वाली है, डॉक्टर के शाहपुर क्षेत्र स्थित हॉस्पिटल में नर्स के पद पर कार्यरत थी। थाने में शिकायत पर कोई कार्रवाई न होने पर महिला ने कोर्ट की शरण ली, जहां मजिस्ट्रेट ने शाहपुर थाना पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने और तीन दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
पीड़िता के आरोप और घटना का विवरण
महिला ने कोर्ट में आवेदन देकर बताया कि वह राप्तीनगर स्थित हॉस्पिटल में नर्स थी। हॉस्पिटल के डॉक्टर उस पर बुरी नीयत रखते थे। आरोप है कि डॉक्टर अक्सर उसके मोबाइल पर अश्लील फोटो भेजते थे और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाते थे। विरोध करने पर धमकी देते थे और प्रलोभन भी दिखाते थे।
पीड़िता ने सबसे गंभीर आरोप 12 जनवरी को लगाया, जब ओपीडी ड्यूटी के दौरान डॉक्टर ने उसके साथ छेड़खानी की। विरोध करने पर उन्हें और उनकी बेटी को जान से मारने की धमकी दी गई। महिला ने कहा कि लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर उसने नौकरी छोड़ दी, लेकिन डॉक्टर अब भी धमकी दे रहे हैं।
थाने में कार्रवाई न होने पर कोर्ट पहुंची पीड़िता
पीड़िता ने पहले शाहपुर थाने में शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरन वह कोर्ट गई, जहां जिला मजिस्ट्रेट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा 156(3) के तहत पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने थाने को तीन दिन में जांच रिपोर्ट (आख्या) पेश करने को कहा है।
थाना प्रभारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश की कॉपी मिल गई है। जांच शुरू कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
मामला यौन उत्पीड़न, धमकी और अश्लील सामग्री से जुड़ा है, इसलिए पुलिस इसे गंभीरता से ले रही है।
महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल उत्पीड़न पर सवाल
यह घटना कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और POSH एक्ट (यौन उत्पीड़न निवारण) के क्रियान्वयन पर
गंभीर सवाल खड़े करती है। हॉस्पिटल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं।
पीड़िता ने न्याय की उम्मीद जताई है और कहा कि वह आगे भी लड़ाई जारी रखेगी।
पुलिस जांच जारी है। आरोपी डॉक्टर की ओर से अभी कोई बयान सामने नहीं आया है
। मामले की निगरानी कर रहे हैं स्थानीय प्रशासन और कोर्ट। महिलाओं से अपील है कि
उत्पीड़न की शिकायत तुरंत दर्ज कराएं – हेल्पलाइन जैसे 1091 या 181 उपलब्ध हैं।
अधिक अपडेट के लिए गोरखपुर पुलिस या स्थानीय समाचार स्रोतों पर नजर रखें।
