ओपीडी में होली के बाद भीड़
गोरखपुर। होली पर्व पर दो दिन की छुट्टी के बाद वृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुली तो मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जनरल ओपीडी के अलावा अन्य विभागों में कुल लगभग 1200 मरीज परामर्श के लिए पहुंचे। त्वचा रोग विभाग में विशेष रूप से होली के रंगों से एलर्जी या लाल दाने की शिकायत वाले मरीजों की संख्या उल्लेखनीय रही। इस बार नौ ऐसे मरीज आए जिनके शरीर पर होली के रंगों के प्रयोग से लाल दाने, खुजली या एलर्जी की समस्या हो गई थी। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार ऐसे मामलों की संख्या कम रही। राप्तीनगर निवासी संतोष ने बताया कि होली खेलने के बाद उनके शरीर पर खुजली और लाल दाने निकल आए, जिसके बाद वे तुरंत अस्पताल की ओपीडी में दिखाने पहुंचे।
होली के बाद बढ़ी त्वचा संबंधी शिकायतें
होली के दौरान बाजार में मिलने वाले रंगों में केमिकल की मात्रा ज्यादा होने से त्वचा पर एलर्जी, लालिमा, खुजली और जलन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञों ने बताया कि इस बार अधिकतर मरीजों में केमिकल युक्त रंगों से संपर्क डर्मेटाइटिस (त्वचा की सूजन) की शिकायत थी। डॉक्टरों ने सलाह दी कि होली खेलते समय प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करें और खेलने के बाद तुरंत साबुन से नहाकर साफ कपड़े पहनें। यदि लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अस्पताल में होली के बाद त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ने से ओपीडी में अतिरिक्त व्यवस्था की गई।
ओपीडी में भीड़: 1200 मरीजों ने लिया परामर्श
दो दिन की छुट्टी के कारण मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ। जनरल मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री रोग, बाल रोग, आंख और कान-नाक-गला विभागों में भी मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। कुल मिलाकर 1200 से अधिक मरीजों ने परामर्श लिया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि होली के बाद आमतौर पर फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी शिकायतें बढ़ जाती हैं। इस बार भी कई मरीज बाहर से खाए-पीए गए भोजन या रंगों के कारण परेशान थे।
पिछले साल से कम एलर्जी के मामले
पिछले साल होली के बाद त्वचा रोग विभाग में 20 से अधिक मरीज ऐसे आए थे जिन्हें गंभीर एलर्जी या इंफेक्शन हो गया था। इस बार संख्या कम रहने से डॉक्टरों ने राहत जताई। इसका कारण बताया जा रहा है कि इस बार लोग अधिक जागरूक हुए और बाजार में उपलब्ध केमिकल-फ्री या हर्बल रंगों का इस्तेमाल किया। अस्पताल ने लोगों से अपील की है कि अगली बार होली पर रंगों का चुनाव सावधानी से करें और बच्चों को रंगों से दूर रखें।
अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था और सलाह
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि ओपीडी में अतिरिक्त डॉक्टर और स्टाफ
तैनात किया गया था ताकि मरीजों को परेशानी न हो। उन्होंने लोगों से
अपील की कि छोटी-मोटी शिकायतों में घरेलू उपाय आजमाएं और केवल गंभीर स्थिति में ही
अस्पताल आएं। साथ ही, होली के बाद स्वच्छता और हाइजीन का विशेष ध्यान रखें।
होली का उत्सव खुशी का प्रतीक है, लेकिन लापरवाही से स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।
गोरखपुर के जिला अस्पताल में ओपीडी की भीड़ इस बात का संकेत है कि त्योहारों के बाद
स्वास्थ्य सेवाओं की मांग बढ़ जाती है। शहरवासियों से अपील है कि
भविष्य में ऐसे त्योहार सुरक्षित और स्वस्थ तरीके से मनाएं।
