गोरखपुर AIIMS में एक दिन में 5151 मरीज ओपीडी पहुंचे
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) गोरखपुर ने एक बार फिर मरीजों की संख्या में नया रिकॉर्ड बनाया है। शुक्रवार को ओपीडी में 5151 मरीज परामर्श के लिए पहुंचे, जो एम्स दिल्ली की औसत दैनिक संख्या से भी अधिक है। यह आंकड़ा पूर्वांचल के लोगों में AIIMS गोरखपुर की बढ़ती विश्वसनीयता और पहुंच को दर्शाता है।
रिकॉर्ड तोड़ ओपीडी संख्या: शुक्रवार का आंकड़ा
शुक्रवार सुबह से दोपहर 3 बजे तक ओपीडी में कुल 5151 मरीज आए। इनमें विभिन्न विभागों से परामर्श लेने वाले शामिल थे। इसके अलावा इमरजेंसी में 173 मरीज पहुंचे। AIIMS गोरखपुर की ओपीडी पूरी तरह पेपरलेस है और सुबह 8 बजे से शाम तक चलती है। सामान्य दिनों में यहां 3500-4000 मरीज आते हैं, लेकिन शुक्रवार को यह संख्या 5000 के पार चली गई।
यह रिकॉर्ड पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, नेपाल बॉर्डर क्षेत्र से आने वाले मरीजों की वजह से है। AIIMS गोरखपुर की स्थापना के बाद से अब तक कुल ओपीडी विजिट 35 लाख 59 हजार 734 हो चुके हैं। यह संख्या संस्थान की लोकप्रियता और सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं की उपलब्धता को दिखाती है।
एम्स दिल्ली से तुलना: गोरखपुर आगे क्यों?
एम्स दिल्ली जैसे बड़े संस्थानों में भी दैनिक ओपीडी 4000-5000 के आसपास रहती है, लेकिन गोरखपुर में एक दिन में 5151 पहुंचना उल्लेखनीय है। कारण:
- पूर्वांचल में AIIMS गोरखपुर की सुविधाएं सुलभ हैं।
- सुपर-स्पेशियलिटी विभाग जैसे कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी आदि में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध।
- पेपरलेस सिस्टम और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से प्रक्रिया तेज।
- ग्रामीण क्षेत्रों से मरीजों की बढ़ती संख्या।
इमरजेंसी और अन्य सेवाएं
इमरजेंसी में 173 मरीज आए, जो संस्थान की 24×7 सेवाओं की मांग दर्शाता है। AIIMS गोरखपुर में
14 विभागों में ओपीडी चल रही है, जिसमें एनेस्थिसियोलॉजी, जनरल सर्जरी, ऑप्थल्मोलॉजी आदि शामिल हैं।
कुल मिलाकर, संस्थान ने अब तक लाखों मरीजों को इलाज दिया है और यह संख्या तेजी से बढ़ रही है।
पूर्वांचल की स्वास्थ्य सेवा में मील का पत्थर
5151 मरीजों का एक दिन का आंकड़ा AIIMS गोरखपुर की सफलता और क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवा में
योगदान को प्रमाणित करता है। हालांकि, बढ़ती संख्या से इंफ्रास्ट्रक्चर और
स्टाफ पर दबाव भी बढ़ रहा है। प्रशासन को और संसाधन बढ़ाने की जरूरत है
ताकि मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सके।
गोरखपुर के लोगों के लिए यह गर्व की बात है कि उनका
AIIMS अब दिल्ली से भी ज्यादा मरीजों को आकर्षित कर रहा है।
