विश्वविद्यालय पीएचडी प्रवेश 2025 में रिकॉर्ड
डीडीयू गोरखपुर में पीएचडी के लिए देशव्यापी रुचि
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) अब सिर्फ पूर्वांचल का नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से छात्रों को आकर्षित करने वाला प्रमुख संस्थान बनता जा रहा है। शोध पात्रता परीक्षा-2025 (रेट) के लिए पीएचडी प्रवेश में पड़ोसी देश नेपाल से 13 आवेदन आए हैं, जबकि देश के 22 राज्यों से कुल 257 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह आंकड़ा विश्वविद्यालय की बढ़ती शैक्षणिक प्रतिष्ठा का प्रमाण है।
आवेदनों का राज्यवार विवरण
प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि आवेदन देश के लगभग सभी हिस्सों से प्राप्त हुए हैं। इनमें शामिल राज्य हैं:
- अंडमान एवं निकोबार
- अरुणाचल प्रदेश
- असम
- बिहार
- छत्तीसगढ़
- दिल्ली
- गुजरात
- हरियाणा
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू एंड कश्मीर
- झारखंड
- केरल
- मध्य प्रदेश
- महाराष्ट्र
- मणिपुर
- मेघालय
- ओडिशा
- पंजाब
- राजस्थान
- त्रिपुरा
- उत्तराखंड
- पश्चिम बंगाल
इसके अलावा नेपाल से 13 आवेदन आए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डीडीयू की अपील को दर्शाता है। कुल मिलाकर यह आंकड़ा 270 से अधिक हो जाता है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है।
विश्वविद्यालय की बदलती छवि और उपलब्धियां
कुछ वर्ष पहले तक डीडीयू गोरखपुर मुख्य रूप से गोरखपुर और बस्ती मंडल के छात्रों का केंद्र था। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने आधुनिक बदलाव किए—नई विभागीय सुविधाएं, रिसर्च लैब्स, फैकल्टी डेवलपमेंट, इंटरनेशनल कोलैबोरेशन और राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार। इन प्रयासों का नतीजा अब दिख रहा है। पीएचडी में मिले आवेदनों से डीडीयू की उस धारणा को मजबूती मिली है, जिसमें वह खुद को देश के शीर्ष संस्थानों में शुमार होने का दावा करता है।
प्रो. सिन्हा ने कहा, “यह आवेदनों की विविधता विश्वविद्यालय की गुणवत्ता, रिसर्च सुविधाओं और फैकल्टी की क्षमता का प्रमाण है। नेपाल जैसे पड़ोसी देश से आवेदन आना हमारी अंतरराष्ट्रीय पहुंच को भी दर्शाता है।”
प्रवेश प्रक्रिया और आगे का रोडमैप
रेट 2025 के तहत पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया जारी है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि के बाद परीक्षा और इंटरव्यू का शेड्यूल जल्द घोषित किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने विभिन्न विषयों में रिसर्च सीटों की संख्या बढ़ाई है और स्कॉलरशिप की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं। यह बदलाव न केवल स्थानीय छात्रों के लिए, बल्कि देशभर के मेधावी छात्रों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
डीडीयू गोरखपुर की राष्ट्रीय पहचान मजबूत
पीएचडी प्रवेश में 22 राज्यों और नेपाल से आए आवेदन दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। यह न सिर्फ पूर्वांचल की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करता है, बल्कि पूरे देश में डीडीयू की बढ़ती साख को रेखांकित करता है। आने वाले समय में और अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के आने की उम्मीद है। गोरखपुर अब उच्च शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
