गोरखपुर में
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 13 वर्षीय नाबालिग किशोरी का इंस्टाग्राम पर मिले ‘प्रेमी’ ने बहला-फुसलाकर घर से भगाया। उसके बाद होटल और स्पा सेंटर में उसे बंधक बनाकर कई लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस की शुरुआती लापरवाही पर सख्त कार्रवाई हुई है। गोरखनाथ थाना के SHO शशि भूषण राय समेत 5 चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू हो गई है। यह घटना समाज में सोशल मीडिया के दुरुपयोग और नाबालिगों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
घटना का पूरा विवरण
मामला गोरखनाथ थाना क्षेत्र का है। 13 वर्षीय किशोरी (कक्षा 5 तक पढ़ी) इंस्टाग्राम पर 6 महीने पहले 15 वर्षीय लड़के से दोस्ती कर चुकी थी। वह उसे ‘BF मेरी जान’ जैसे स्टेटस लगाकर हाई-फाई जीवन जीने की चाहत में डूबी थी। 1 जनवरी 2026 को वह घर से लापता हो गई। 5 जनवरी को परिजनों ने गोरखनाथ थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि लड़का उसे बहला-फुसलाकर होटल ले गया, जहां होटल मालिक अभय सिंह उर्फ धीरेंद्र, मैनेजर आदर्श पांडे ने तीन दिन तक उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसे स्पा सेंटर में ‘धंधे’ के लिए बेच दिया गया, जहां स्पा संचालक अंकित कुमार ने भी शोषण किया। लगभग 15-22 दिनों तक बंधक रही किशोरी की हालत गंभीर होने पर उसे नौसढ़ क्षेत्र के एक होटल में छिपाया गया। पुलिस ने 22 दिन बाद उसे बरामद किया और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की लापरवाही और कार्रवाई
परिजनों का आरोप है कि गुमशुदगी रिपोर्ट के बाद पुलिस ने समय पर सक्रियता नहीं दिखाई, जिससे किशोरी का शोषण जारी रहा। मामले की गंभीरता देखते हुए SSP राजकरण नय्यर ने तुरंत एक्शन लिया।
- गोरखनाथ थाना इंस्पेक्टर (SO) शशि भूषण राय को निलंबित किया गया।
- फर्टिलाइजर चौकी इंचार्ज, बेतियाहाता चौकी इंचार्ज, बड़हलगंज कस्बा इंचार्ज समेत कुल 5 चौकी इंचार्ज सस्पेंड।
- विभागीय जांच शुरू, लापरवाही सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई।
- आरोपी गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की प्रक्रिया भी चल रही है।
पुलिस ने कहा कि यदि समय पर तलाश होती तो किशोरी की अस्मत बच सकती थी। अब जांच में सभी पहलुओं को शामिल किया जा रहा है।
सामाजिक और कानूनी प्रभाव
यह मामला सोशल मीडिया पर बच्चों की निगरानी, अभिभावकों की जागरूकता और पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल उठाता है।
किशोरी के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से भी वह फंस गई।
पुलिस अब ऐसे मामलों में तेज कार्रवाई का दावा कर रही है।
13 वर्षीय मासूम की इस दर्दनाक घटना ने पूरे गोरखपुर को झकझोर दिया है।
पुलिस की लापरवाही पर त्वरित निलंबन और
जांच से न्याय की उम्मीद बंधी है। अभिभावकों को बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर सतर्क रहने की जरूरत है।
उम्मीद है कि आरोपी जल्द सजा पाएंगे और ऐसी घटनाओं पर लगाम लगेगी।
समाज को मिलकर नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी