गोरखपुर हत्या कांड
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पुलिस महकमे को हिला दिया है। CID में तैनात महिला हेड कांस्टेबल सरोज यादव की हत्या का राज खुला तो सामने आया अवैध संबंध और 50 लाख रुपये के इंश्योरेंस मनी का काला चेहरा। सरोज के पति अष्टभुज कुमार यादव, जो खुद UP पुलिस में कांस्टेबल हैं, ने तीन महीने फरार रहने के बाद कोर्ट में सरेंडर कर दिया। आजतक की 8 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, सरोज का पिता हरिलाल यादव ने शिकायत की थी कि दामाद ने साजिश रचकर जहर देकर हत्या कराई। पुलिस अब रिमांड लेकर पूछताछ करेगी। यह मामला न केवल पुलिस परिवारों में विश्वासघात दिखाता है, बल्कि घरेलू हिंसा और आर्थिक लालच के खतरे को भी उजागर करता है। इस ब्लॉग में हम इस केस की पूरी टाइमलाइन, मोटिव, पुलिस कार्रवाई और परिवार के आरोपों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
सरोज यादव की कहानी: एक मेहनती पुलिसवाली का दर्दनाक अंत
सरोज यादव (उम्र 35 वर्ष) गोरखपुर CID में हेड कांस्टेबल के रूप में तैनात थीं। 11 दिसंबर 2013 को अष्टभुज कुमार यादव से शादी के बाद उनका जीवन खुशहाल लग रहा था। दंपति के दो बच्चे – 9 वर्षीय अन्मोल और 6 वर्षीय अक्षरा। सरोज के पिता हरिलाल यादव रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं। लेकिन शादी के कुछ सालों बाद अष्टभुज की खलीलाबाद पोस्टिंग के दौरान एक महिला कांस्टेबल से अवैध संबंध की अफवाहें उड़ीं। सरोज ने इसका विरोध किया, जिसके बाद घरेलू हिंसा शुरू हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अष्टभुज सरोज को मारते-पीटते थे।
27 फरवरी 2025 की रात को सरोज की तबीयत अचानक बिगड़ गई। अगले दिन सुबह 1:36 बजे परिवार को फोन आया कि सरोज की हालत गंभीर है। लेकिन पोस्टमॉर्टम में मौत का साफ कारण नहीं मिला। शुरुआत में इसे प्राकृतिक मौत माना गया। लेकिन अगस्त 2025 में विसेरा (अंग) जांच की रिपोर्ट ने राज खोल दिया – सरोज के शरीर में एल्यूमिनियम फॉस्फाइड जहर था। यह सुसाइड या हत्या का केस था, लेकिन जांच ने हत्या की ओर इशारा किया।
मोटिव: अवैध संबंध जारी रखने और इंश्योरेंस का लालच
सरोज के पिता हरिलाल यादव ने शाहपुर थाने में तहरीर देकर बताया कि अष्टभुज ने अपनी मां और पिता के साथ मिलकर साजिश रची। मुख्य कारण:
- अवैध संबंध: खलीलाबाद में अष्टभुज का एक महिला कांस्टेबल से चक्कर चल रहा था। सरोज के विरोध पर वे गुस्से में आ जाते थे।
- इंश्योरेंस मनी: शादी के बाद सरोज ने 50 लाख का टर्म लाइफ इंश्योरेंस लिया था। इसके अलावा 41 लाख का जॉइंट लोन और 20 लाख का बैंक लोन था।
- सरोज की मौत के बाद अष्टभुज ने इंश्योरेंस क्लेम करने की कोशिश की, जो परिवार को शक में आया।
हरिलाल ने कहा, “दामाद का खलीलाबाद पोस्टिंग के दौरान एक महिला कांस्टेबल से अवैध संबंध था।
बेटी द्वारा विरोध करने पर वह उसे मारता-पीटता था। संबंध जारी रखने
आर्थिक लाभ पाने और इंश्योरेंस रकम हड़पने के लिए साजिश से जहर देकर हत्या की गई।
” यह आरोप अष्टभुज के माता-पिता पर भी लगे हैं।
पुलिस जांच और सरेंडर: तीन महीने की फरारगी का अंत
सितंबर 2025 में फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर शाहपुर पुलिस ने अष्टभुज, उनकी मां और पिता के खिलाफ
IPC की धारा 302 (हत्या) और जहर देने संबंधी धाराओं में FIR दर्ज की। अष्टभुज फरार हो गए।
पुलिस ने अलर्ट जारी किया, छापेमारी की, लेकिन तीन महीने तक हाथ खाली रहे।
आखिरकार 6-7 दिसंबर 2025 को अष्टभुज ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
शाहपुर थाने के प्रभारी नीरज राय ने बताया, “आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है।
हम रिमांड लेकर सख्त पूछताछ करेंगे। केस संवेदनशील है, इसलिए कार्रवाई तेज है
पुलिस अब अष्टभुज से कबूलनामा लेने और सह-आरोपियों की तलाश पर फोकस कर रही है। बच्चों की
कस्टडी और इंश्योरेंस क्लेम पर भी जांच चल रही है।
परिवार का दर्द और समाज का सबक
सरोज के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। हरिलाल कहते हैं, “बेटी ने घर संभाला, लेकिन ये साजिश ने सब छीन लिया।
” यह केस पुलिस महकमे में घरेलू हिंसा
, अवैध संबंधों और आर्थिक लालच के खतरे को उजागर करता है।
UP में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं,
जहां 2025 में 50,000 से ज्यादा केस दर्ज हुए।
