नगर निगम तुर्कमानपुर
गोरखपुर में 21 दुकानों की नीलामी की तैयारी
गोरखपुर नगर निगम तुर्कमानपुर क्षेत्र में भैसाखाना कब्रिस्तान के पास अपनी 21 दुकानों का नए सिरे से आवंटन करने जा रहा है। ये दुकानें खुली बोली-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित की जाएंगी। यह निर्णय नगर निगम सदन की 13 अक्टूबर 2025 को हुई 15वीं बैठक के अनुपालन में लिया गया है। नीलामी 4 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे नगर निगम कार्यालय में आयोजित होगी।
ये दुकानें पहले अवैध कब्जे में थीं और 28 फरवरी 2025 को तत्कालीन नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने इन्हें खाली कराकर सील कर दिया था। अब नगर निगम इन्हें नए सिरे से बनाकर या मौजूदा रूप में आवंटित करेगा।
नीलामी की प्रक्रिया और नियम
- तारीख और समय: 4 फरवरी 2026, सुबह 11 बजे, नगर निगम कार्यालय।
- डीडी जमा: इच्छुक बोलीदाताओं को 2 फरवरी 2026 तक 5,000 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) जमा करना अनिवार्य। बिना डीडी के बोली नहीं लगेगी। प्रत्येक दुकान के लिए अलग-अलग डीडी जरूरी।
- बोली सीमा: एक व्यक्ति अधिकतम तीन दुकानों की बोली लगा सकता है।
- धरोहर राशि: सफल बोलीदाताओं को निर्धारित नॉन-रिफंडेबल धरोहर राशि जमा करनी होगी।
- कब्जा नियम: आवंटन के बाद तीन महीने के भीतर दुकान पर कब्जा न लिया तो आवंटन स्वतः निरस्त माना जाएगा।
- अधिकार: नीलामी और आवंटन से जुड़े सभी अधिकार नगर आयुक्त के पास सुरक्षित रहेंगे।
दुकानों का बैकग्राउंड
ये 21 दुकानें (मूल रूप से 22 दुकानें थीं) तुर्कमानपुर कब्रिस्तान और उसके पास की नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जे में बनी हुई थीं। कब्रिस्तान संचालन समिति द्वारा इन्हें दो दशक से किराए पर दिया जा रहा था, लेकिन पैमाइश में जमीन म्यूनिसिपल बोर्ड के नाम दर्ज पाई गई। नगर निगम ने दुकानदारों को नोटिस जारी कर खाली कराया।
नोटिस प्राप्त दुकानदारों में दीनानाथ, अलीहुसैन (2 दुकानों के लिए), मुहम्मद नईम, इकबाल,
महमूद, अज्ञात, सदानंद शुक्ला, परवेज (4 दुकानों के लिए), शादाब, राकेश कुमार,
मुहम्मद जफरूल, तनजील, नबी मुहम्मद, मैनुद्दीन, नंद किशोर आदि शामिल थे।
पारदर्शी आवंटन से विकास की उम्मीद
यह नीलामी नगर निगम की संपत्ति को पारदर्शी तरीके से उपयोग में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इससे राजस्व बढ़ेगा और इलाके में व्यवस्थित व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
इच्छुक व्यापारी 2 फरवरी तक डीडी जमा कर नीलामी में भाग ले सकते हैं।
गोरखपुर नगर निगम की नीलामी – अवसर और पारदर्शिता!
