6 विभूतियों को 'गोरखपुर रत्न' सम्मान दिया
गोरखपुर महोत्सव में योगी का जोरदार संबोधन
गोरखपुर महोत्सव 2026 अपने चरम पर पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महोत्सव के मुख्य मंच से न केवल शहर की सांस्कृतिक धरोहर को सराहा, बल्कि समाज के लिए एक मजबूत संदेश भी दिया। उद्घाटन के दौरान उन्होंने 6 प्रमुख विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ सम्मान से नवाजा और अपने भाषण में मच्छर और माफिया को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए तीखा प्रहार किया। यह बयान पूर्वांचल में स्वच्छता और सामाजिक न्याय के प्रति नई जागरूकता लाने वाला साबित हो रहा है।
‘*गोरखपुर रत्न’ सम्मान: 6 विभूतियों की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री योगी ने महोत्सव के दौरान गोरखपुर की उन 6 हस्तियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से सम्मानित किया, जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, खेल, सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया है। इन विभूतियों में शामिल हैं:
- शिक्षा के क्षेत्र में जीवनभर समर्पित एक वरिष्ठ शिक्षाविद्
- स्वास्थ्य सेवाओं में ग्रामीण क्षेत्रों को समर्पित डॉक्टर
- लोक कला और हस्तशिल्प को संरक्षित करने वाली महिला कारीगर
- युवा खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने वाले कोच
- पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता
- साहित्य और संस्कृति में योगदान देने वाले लेखक/कलाकार
इन सभी को सम्मान पत्र, शॉल, स्मृति चिन्ह और नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। योगी जी ने कहा, “ये गोरखपुर रत्न ही हमारे शहर की असली पहचान हैं। इन्होंने बिना किसी सरकारी सहायता के समाज के लिए अपना जीवन समर्पित किया है।”
मच्छर और माफिया पर योगी का तीखा हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं जब उन्होंने कहा: “मच्छर और माफिया एक दूसरे के पूरक होते हैं। एक शरीर को अस्वस्थ करता है, तो दूसरा समाज को। जब समाज हर प्रकार की स्वच्छता – शारीरिक और सामाजिक – के प्रति जागरूक नहीं होता, तो उसे दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि मच्छर डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां फैलाता है, जबकि माफिया समाज में भ्रष्टाचार, अपराध और अराजकता फैलाता है। दोनों ही समाज को कमजोर करते हैं। योगी जी ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता अभियान और माफिया मुक्त समाज ही गोरखपुर को मजबूत और स्वस्थ बनाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने आस-पास की सफाई रखें और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाएं।
महोत्सव के अन्य आकर्षण और महत्व
गोरखपुर महोत्सव में पारंपरिक नृत्य, लोक संगीत, हस्तशिल्प मेला, खान-पान स्टॉल और सांस्कृतिक प्रदर्शनियां जारी हैं। महोत्सव पूर्वांचल की टेराकोटा कला, चिकनकारी और स्थानीय व्यंजनों को राष्ट्रीय मंच पर ला रहा है।
योगी जी ने घोषणा की कि सरकार गोरखपुर में नए हस्तशिल्प प्रशिक्षण केंद्र और पर्यटन सुविधाएं विकसित करेगी।
गोरखपुर महोत्सव 2026 न केवल सांस्कृतिक उत्सव है,
बल्कि सामाजिक जागरूकता और विकास का मंच भी बन चुका है। सीएम योगी के ‘मच्छर और माफिया’
वाले बयान ने एक बार फिर साबित किया कि वे समाज की जड़ों तक सफाई और सुधार चाहते हैं।
‘गोरखपुर रत्न’ सम्मान से 6 विभूतियों को सम्मानित कर उन्होंने स्थानीय योगदानकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया।
यह महोत्सव गोरखपुर को नई ऊर्जा और दिशा दे रहा है।
गोरखपुर महोत्सव में आएं, संस्कृति जिएं और समाज को मजबूत बनाएं! जय बाबा गोरखनाथ!