गोरखपुर, 12 जनवरी 2026 – पूर्वांचल की सांस्कृतिक राजधानी गोरखपुर में आज एक ऐतिहासिक और उत्साहपूर्ण दिन रहा। गोरखपुर महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ रामगढ़ ताल के किनारे स्थित चम्पा देवी पार्क में हुआ, जहां प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दीप प्रज्वलित कर औपचारिक उद्घाटन किया। इस तीन दिवसीय मुख्य सांस्कृतिक आयोजन (11 से 13 जनवरी) के पहले दिन ही हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा परिसर उत्साह, रंग-बिरंगी सजावट और संगीत से गूंज उठा।
महोत्सव का उद्देश्य गोरखपुर की समृद्ध विरासत, स्थानीय कला, शिल्प और पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करना है। योगी सरकार के नेतृत्व में यह आयोजन अब तक का सबसे भव्य बताया जा रहा है, जिसमें सांस्कृतिक प्रदर्शन, शिल्प मेला, फूड कोर्ट, टैलेंट हंट और विभिन्न प्रतियोगिताएं शामिल हैं। पूरा महोत्सव 11 जनवरी से 17 जनवरी तक विभिन्न गतिविधियों के साथ चलेगा, जबकि मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम 13 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में समापन होगा।
उद्घाटन समारोह: मंत्री का संदेश और सियासी तीर
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने उद्घाटन के दौरान कहा कि गोरखपुर महोत्सव सनातन संस्कृति और परंपराओं का उत्सव है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले महोत्सवों में फूहड़ता फैलाई जाती थी, लेकिन अब योगी सरकार में संस्कृति और विरासत को सम्मान मिल रहा है। सांसद रवि किशन भी मौजूद रहे और उन्होंने लोगों से बड़े पैमाने पर भागीदारी की अपील की।
उद्घाटन के बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए। लोक नृत्य, भोजपुरी गीत, क्लासिकल डांस और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इस रंगीन माहौल का आनंद लेते नजर आए।
रात में बॉलीवुड नाइट: युवाओं का जोश हाई
महोत्सव के पहले दिन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा बॉलीवुड नाइट। शाम ढलते ही स्टेज पर बॉलीवुड गानों की धुनें गूंजीं और दर्शकों में जोश देखते ही बनता था। विभिन्न स्रोतों के अनुसार, इस नाइट में लोकप्रिय बॉलीवुड सिंगरों की प्रस्तुतियां हुईं, जिसमें हाई-एनर्जी परफॉर्मेंस से पूरा मैदान थिरक उठा। युवा पीढ़ी खासकर इस नाइट का इंतजार कर रही थी, और यह पूरी तरह सफल रही।
महोत्सव के प्रमुख आकर्षण और शेड्यूल
- 11 जनवरी (पहला दिन): उद्घाटन + सांस्कृतिक प्रदर्शन + बॉलीवुड नाइट
- 12 जनवरी: भोजपुरी नाइट (पवन सिंह जैसी प्रस्तुतियां संभावित), फैशन शो, टैलेंट हंट
- 13 जनवरी: मैथिली ठाकुर की भजन संध्या, रवि किशन का काव्य पाठ,
- बॉलीवुड नाइट (बादशाह जैसी हाई-प्रोफाइल परफॉर्मेंस) + समापन समारोह (मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि)
इसके अलावा शिल्प मेला में भदोही के कालीन, मऊ के हैंडलूम और स्थानीय उत्पादों की दुकानें लगी हैं।
बच्चों के लिए स्पेशल फेस्टिवल, महिलाओं की प्रतियोगिताएं और एडवेंचर एक्टिविटीज भी शामिल हैं।
जनता का उत्साह और प्रभाव
हजारों दर्शकों की भीड़ ने साबित कर दिया कि गोरखपुर महोत्सव
अब पूर्वांचल का सबसे बड़ा सांस्कृतिक मंच बन चुका है।
यह न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच दे रहा है,
बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे रहा है।
सोशल मीडिया पर #GorakhpurMahotsav2026 ट्रेंड कर रहा है,
जहां लोग अपनी तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं।
गोरखपुर महोत्सव 2026 न सिर्फ मनोरंजन का स्रोत है,
बल्कि गोरखपुर की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला एक ऐतिहासिक कदम है।
यदि आप पूर्वांचल में हैं, तो इस उत्सव को मिस न करें!