गोरखपुर में औद्योगिक क्रांति
गोरखपुर में औद्योगिक क्रांति की नई शुरुआत
गोरखपुर अब सिर्फ आस्था और संस्कृति का शहर नहीं रहा, बल्कि तेजी से पूर्वांचल का औद्योगिक हब बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही अदाणी ग्रुप और केयान ग्रुप की दो बड़ी फैक्ट्रियों का भूमिपूजन करने जा रहे हैं। इन दोनों परियोजनाओं से गोरखपुर में हजारों करोड़ का निवेश और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। यह कदम गोरखपुर को औद्योगिक नक्शे पर मजबूती से स्थापित करने वाला है।
अदाणी ग्रुप की फैक्ट्री: 46.63 एकड़ पर मेगा प्रोजेक्ट
अदाणी ग्रुप को गोरखपुर में 46.63 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यह परियोजना मुख्य रूप से फूड प्रोसेसिंग, एग्री-बिजनेस और संबंधित इंडस्ट्री पर केंद्रित होगी। कंपनी ने पहले ही घोषणा की है कि यह यूनिट पूर्वांचल के किसानों को सीधा लाभ पहुंचाएगी। अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट से 2,500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। निवेश का आंकड़ा 2,000 करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है। भूमिपूजन की तारीख फरवरी 2026 के पहले सप्ताह में होने की उम्मीद है।
केयान ग्रुप की श्रेयश डिस्टिलरी-एनर्जी लिमिटेड: 60.48 एकड़ पर निवेश
केयान ग्रुप की श्रेयश डिस्टिलरी-एनर्जी लिमिटेड को 60.48 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यह परियोजना डिस्टिलरी, बायो-एनर्जी और संबंधित केमिकल प्रोसेसिंग पर फोकस करेगी। कंपनी का लक्ष्य पर्यावरण-अनुकूल और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना है। इस प्रोजेक्ट से करीब 4,000 रोजगार सृजन की उम्मीद है। कुल निवेश 2,200 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। भूमिपूजन अदाणी प्रोजेक्ट के साथ ही या उसी सप्ताह होने की संभावना है।
कुल निवेश और रोजगार का आंकड़ा
- कुल भूमि आवंटन: 107.11 एकड़ (अदाणी 46.63 + केयान 60.48)
- कुल निवेश: लगभग 4,200 करोड़ रुपये
- रोजगार सृजन: करीब 6,500 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां
- प्रमुख लाभ: पूर्वांचल के किसानों को बेहतर बाजार, युवाओं को रोजगार, गोरखपुर की अर्थव्यवस्था में उछाल
ये दोनों प्रोजेक्ट योगी सरकार की ‘एक जिला एक उत्पाद’ और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ की नीति से जुड़े हैं। गोरखपुर में पहले से ही डिफेंस कॉरिडोर, एम्स, एयरपोर्ट और रेलवे की कनेक्टिविटी मजबूत हो चुकी है। अब ये फैक्ट्रियां क्षेत्र को औद्योगिक मानचित्र पर नई ऊंचाई देंगी।
सीएम योगी का विजन और भूमिपूजन की संभावित तिथि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दोनों परियोजनाओं का भूमिपूजन स्वयं करेंगे। सूत्रों के अनुसार यह कार्यक्रम फरवरी 2026 के पहले या दूसरे सप्ताह में हो सकता है। भूमिपूजन के साथ ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू होगा। सरकार ने इन प्रोजेक्ट्स के लिए सभी मंजूरियां और इंसेंटिव पहले ही प्रदान कर दिए हैं।
गोरखपुर के लिए ऐतिहासिक पल
स्थानीय लोग और व्यापारी इन परियोजनाओं को लेकर काफी उत्साहित हैं। गोरखपुर के युवा रोजगार के नए अवसरों की
उम्मीद कर रहे हैं। साथ ही किसान अपनी उपज के लि
ए बेहतर मार्केट और प्रोसेसिंग यूनिट की उम्मीद कर रहे हैं।
यह कदम पूर्वांचल में औद्योगिक असंतुलन को कम करने की दिशा में बड़ा प्रयास है।
निष्कर्ष: गोरखपुर अब औद्योगिक शहर की ओर
अदाणी और केयान ग्रुप की ये फैक्ट्रियां गोरखपुर के भविष्य को नया आकार देंगी। सीएम योगी आदित्यनाथ का
यह कदम न केवल निवेश लाएगा, बल्कि पूर्वांचल के युवाओं के सपनों को पंख भी देगा।
जल्द होने वाला भूमिपूजन गोरखपुर के विकास की नई कहानी की शुरुआत साबित होगा।