गोरखपुर होली 2026 शराब बिक्री रिकॉर्ड
गोरखपुर में इस बार होली के त्योहार ने शराब बिक्री का नया रिकॉर्ड बना दिया है। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, होली के तीन दिनों में जिले में 55 करोड़ रुपये से अधिक की शराब और बीयर की बिक्री हुई। इसमें देसी शराब की मांग सबसे ज्यादा रही, जहां लगभग 3.92 लाख लीटर देसी दारू की खपत दर्ज की गई। शहर हो या आसपास के गांव, शौकीनों ने जमकर जाम छलकाए, जिससे दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ी।
होली पर रिकॉर्ड तोड़ बिक्री: आंकड़े बताते हैं कहानी
होली के मौके पर गोरखपुर में शराब की बिक्री ने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। आबकारी विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन दिनों (होली से पहले और होली के दिन) में कुल बिक्री 55 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गई। देसी शराब की बिक्री में भारी उछाल आया, जहां 3.92 लाख लीटर से अधिक मात्रा बिकी। अंग्रेजी शराब और बीयर की भी अच्छी डिमांड रही, लेकिन देसी दारू ने बाजी मार ली।
दुकानदारों ने पहले से स्टॉक बढ़ाकर रखा था, क्योंकि त्योहार के दौरान मांग हमेशा ज्यादा होती है। इस बार उत्साह और बढ़ गया, जिससे सरकारी खजाने में भी अच्छी कमाई हुई। पिछले सालों की तुलना में यह बिक्री काफी ज्यादा है, जो त्योहार की मस्ती और आर्थिक स्थिति को दर्शाती है।
देसी शराब की धूम: क्यों रही सबसे ज्यादा मांग?
गोरखपुर में होली पर देसी शराब की मांग सबसे ज्यादा रही। स्थानीय लोग इसे सस्ता और पारंपरिक विकल्प मानते हैं। 3.92 लाख लीटर की बिक्री से साफ है कि ग्रामीण इलाकों से लेकर शहर तक शौकीनों ने इसे तरजीह दी। अंग्रेजी शराब और बीयर भी बिकी, लेकिन देसी की मात्रा और लोकप्रियता ने सबको पीछे छोड़ दिया।
आबकारी अधिकारी बताते हैं कि त्योहारों पर शराब की बिक्री बढ़ना आम है, लेकिन
इस बार गोरखपुर ने नया कीर्तिमान स्थापित किया। दुकानों पर लंबी कतारें लगीं, और
कई जगह स्टॉक खत्म होने की स्थिति भी बनी।
अन्य जिलों में भी बिक्री का उछाल, लेकिन गोरखपुर टॉप पर
यूपी के अन्य जिलों में भी होली पर शराब बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर रही। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 40 करोड़,
वाराणसी में एक दिन में 10 करोड़, और अन्य जगहों पर भी अच्छी बिक्री हुई।
लेकिन गोरखपुर के 55 करोड़ और 3.92 लाख लीटर देसी शराब ने
इसे खास बना दिया। यह आंकड़ा प्रदेश स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
त्योहार की मस्ती और राजस्व का खेल
होली गोरखपुर में रंगों के साथ-साथ जाम छलकाने का भी मौका बनी। 55 करोड़ की बिक्री और
3.92 लाख लीटर देसी शराब की खपत ने त्योहार की धूम को दर्शाया।
आबकारी विभाग के लिए यह राजस्व का अच्छा स्रोत साबित हुआ।
हालांकि, जिम्मेदारी से सेवन की सलाह हमेशा जरूरी है। गोरखपुर ने इस होली को यादगार बना दिया!
