गोरखपुर क्राइम
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: एक पुरानी दोस्ती अब खतरनाक दुश्मनी में बदल गई है। कोतवाली क्षेत्र के अलीनगर उत्तरी में सपा से जुड़े छात्रनेता उज्जवल यादव के घर पर शुक्रवार (20 फरवरी 2026) रात करीब 11:20 बजे हुई फायरिंग और मारपीट की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस पिस्टल से उज्जवल के घर पर गोलियां चलाई गईं, उसी से एक दिन पहले (19 फरवरी) आर्थक प्रताप सिंह के जन्मदिन समारोह में खुलेआम हर्ष फायरिंग की गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो अब पुलिस के लिए मुख्य साक्ष्य बन चुका है, जिसमें आर्थक के केक काटते ही युवक पिस्टल लहराते हुए कई राउंड फायरिंग करते दिख रहे हैं।
घटना का पूरा विवरण
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी आर्थक प्रताप सिंह (बीजेपी नेता आदित्य सिंह का बेटा) अपने 5-6 साथियों के साथ फॉर्च्यूनर कार से उज्जवल के घर पहुंचा। आरोपियों ने घर के बाहर 6 मिनट तक हवाई फायरिंग की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। विरोध करने पर उज्जवल की मां संध्या यादव के मुंह दबाकर थप्पड़ मारे और मारपीट की। संध्या यादव ने तहरीर दी, जिसमें आर्थक, महेश चौधरी, अनीश शुक्ला, सैफ अली, विपिन, सक्षम मिश्रा और अन्य अज्ञात के खिलाफ IPC की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 147, 148, 149, 323, 504, 506, आर्म्स एक्ट आदि के तहत FIR दर्ज की गई।
कारण: लड़की को लेकर दुश्मनी
जांच में सामने आया कि आर्थक और उज्जवल पहले गहरे दोस्त थे, लेकिन एक लड़की (दोस्त की बहन) को लेकर बातचीत पर झगड़ा हुआ। आर्थक भड़क गया और बदला लेने की साजिश रची। आर्थक के बर्थडे पार्टी में ही हमले की योजना बनी, जहां हर्ष फायरिंग के दौरान इस्तेमाल पिस्टल अगले दिन इस्तेमाल हुई। पुलिस ने वीडियो एनालिसिस से पुष्टि की कि पिस्टल एक ही है।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
कोतवाली पुलिस ने आर्थक प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लिया गया है।
महेश चौधरी और सैफ अली की तलाश में छापेमारी जारी है।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और गवाहों के
बयान से केस मजबूत किया है। आर्थक पर
2022 में आर्म्स एक्ट का केस भी दर्ज है। पुलिस का कहना है कि
आर्थक के 24 दोस्त अब रडार पर हैं, जो पार्टी में मौजूद थे और
फायरिंग में शामिल हो सकते हैं। सभी पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है।
सामाजिक प्रभाव
यह घटना गोरखपुर में छात्र राजनीति, हथियारों के दुरुपयोग और निजी दुश्मनी को उजागर करती है।
सपा और बीजेपी के बीच राजनीतिक रंग भी जुड़ गया है। इलाके में दहशत है, जबकि पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई है।
जांच में हथियार का स्रोत और अन्य शामिल लोगों का पता लगाया जा रहा है।
यह मामला UP क्राइम में हर्ष फायरिंग और व्यक्तिगत रंजिश की नई मिसाल बन गया है।