Oplus_131072
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद में साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां थाना रामगढ़ताल पुलिस ने फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन गेमिंग में निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो अविनियमित निक्षेप योजनाओं के जरिए लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर उनके पैसे हड़प रहे थे।
गोरखपुर में बड़ा साइबर ठगी गिरोह पकड़ा गया
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैंट के पर्यवेक्षण में थाना रामगढ़ताल की टीम ने इस पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस ऑपरेशन का नेतृत्व उपनिरीक्षक आशुतोष कुमार राय ने अपनी टीम के साथ किया।
फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ठगी
पुलिस को 20 मार्च 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना रामगढ़ताल क्षेत्र के एक होटल में कुछ लोग फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों को निवेश के लिए बुला रहे हैं और उन्हें ज्यादा लाभ का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
4 आरोपी गिरफ्तार, कई राज्यों से जुड़े तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अजीत यादव, पारतेश सिंह, गणेश साहनी और अजय कुमार शामिल हैं। ये सभी आरोपी अलग-अलग जिलों के निवासी हैं और मिलकर एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि ये लोग सैकड़ों लोगों से पैसा ले चुके थे और लगातार नए लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे थे।
10 मोबाइल फोन सहित कई अहम सबूत बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, एक बैग, फोटोग्राफ, होटल के बिल और अवैध आधार कार्ड की प्रतियां बरामद की हैं। बरामद मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना है, जिससे इस गिरोह के नेटवर्क और अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सकता है।
सैकड़ों लोगों से ठगी की आशंका
इस मामले में थाना रामगढ़ताल में मु0अ0सं0 0164/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम 2019 की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
अविनियमित निक्षेप स्कीम एक्ट के तहत केस दर्ज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लोगों को सोशल मीडिया, कॉल और मैसेज के माध्यम से संपर्क करते थे और उन्हें कम समय में अधिक लाभ का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित करते थे। यह पूरा नेटवर्क एक सुनियोजित आपराधिक षड़यंत्र के तहत चलाया जा रहा था।
