गोरखपुर (राकेश शर्मा की रिपोर्ट)
गोरखपुर के उरुवा क्षेत्र में 9 साल की बच्ची दिव्या को हल्के बुखार-खांसी पर मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन लगाने से मौत। दुकानदार अरुण कुमार उर्फ मुन्ना ने इलाज के नाम पर इंजेक्शन दिया, बच्ची की हालत बिगड़ी और मौत हो गई। फरार दुकानदार गिरफ्तार, परिवार ने कड़ी कार्रवाई की मांग की। #गोरखपुरबच्चीमौत #मेडिकलस्टोरगड़बड़ी #दिव्यामौत #उरुवाहादसा
मासूम की मौत: हल्के बुखार पर इंजेक्शन लगाने से थम गई सांसें
गोरखपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। विकासखंड उरुवा के ग्राम मसूरिया निवासी दिनेश चौहान की 9 वर्षीय बेटी दिव्या को हल्का बुखार और खांसी था। रविवार को उसकी मां शशिकला उसे दवा दिलाने के लिए पास के गांव जौहराबाद स्थित एस एन मेडिकल स्टोर पर लेकर गईं। मां को उम्मीद थी कि साधारण दवा से बच्ची ठीक हो जाएगी, लेकिन दुकानदार ने इलाज के नाम पर इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगते ही दिव्या की हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही पलों में उसकी सांसें थम गईं। मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।
घटना का पूरा विवरण: क्या हुआ मेडिकल स्टोर पर?
शशिकला ने बताया कि दुकानदार अरुण कुमार उर्फ मुन्ना ने बिना डॉक्टर की सलाह या जांच के बच्ची को इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद दिव्या बेहोश हो गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। मां की चीख सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। घटना के तुरंत बाद दुकानदार दुकान बंद कर मौके से फरार हो गया। आक्रोशित परिजनों ने तत्काल बांसगांव पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा बनाकर शव को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
परिवार की शिकायत और पुलिस कार्रवाई
शशिकला ने मुख्य चिकित्साधिकारी, जिलाधिकारी और थाना बांसगांव में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अरुण कुमार उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304A (लापरवाही से मौत) और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो मौत का सटीक कारण बताएगी।
लापरवाही से मौत: अनधिकृत इंजेक्शन का खतरा
यह घटना एक बार फिर बिना योग्यता और लाइसेंस के इंजेक्शन लगाने के खतरे को उजागर करती है।
ग्रामीण इलाकों में कई मेडिकल स्टोर बिना डॉक्टर की
सलाह के दवाएं और इंजेक्शन दे रहे हैं, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
परिवार का कहना है कि अगर दुकानदार ने डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी होती तो दिव्या आज जिंदा होती।
स्थानीय लोग इस घटना से सदमे में हैं और प्रशासन से
ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
समाज और प्रशासन से अपील: बच्चों की सुरक्षा पहले
यह घटना पूरे समाज के लिए सबक है। मेडिकल स्टोर पर बिना डॉक्टर की सलाह दवा या इंजेक्शन न लें।
बच्चों की छोटी-मोटी बीमारी में भी डॉक्टर से सलाह जरूरी है
। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से अपील है कि अनधिकृत मेडिकल प्रैक्टिस पर कड़ी कार्रवाई हो।
परिवार अब न्याय की उम्मीद में है और दिव्या की मौत का दुख सह रहा है।