फरवरी में गोरखपुर प्रवास पर आएंगे संघ प्रमुख मोहन भागवत
गोरखपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2025-26 को शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। इस विशेष अवसर पर पूरे वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। गोरखपुर प्रांत में भी इस भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत फरवरी 2026 में गोरखपुर प्रवास पर आएंगे और तीन से चार दिन तक यहां रुककर कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
विजयादशमी से होगी शताब्दी वर्ष की शुरुआत
संघ की स्थापना विजयादशमी के दिन 1925 में नागपुर में हुई थी। इसलिए शताब्दी वर्ष की औपचारिक शुरुआत विजयादशमी के दिन से ही होगी। उसी दिन से पूरे देशभर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन प्रारंभ होगा। गोरखपुर में भी संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता विशेष रूप से सक्रिय रहेंगे।
गोरखपुर प्रांत में 40 लाख परिवारों तक पहुंचेगा अभियान
आरएसएस के प्रांत प्रचारक रमेश ने जानकारी देते हुए बताया कि गोरखपुर प्रांत में इस अभियान के तहत करीब 40 लाख परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सात चरणों में कार्यक्रम आयोजित होंगे।
पहला चरण: 15 अक्टूबर से 2 नवंबर 2025 तक, जिसके तहत न्याय पंचायत स्तर तक वृद्ध गृह संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
दूसरा चरण: 24 दिसंबर 2025 से 11 जनवरी 2026 तक, इस दौरान न्याय पंचायत स्तर पर हिंदू सम्मेलन आयोजित होंगे।
तीसरा चरण: 28 फरवरी 2026 तक, जिसमें ब्लॉक स्तर पर सामाजिक सद्भाव बैठकों का आयोजन होगा।
चौथा चरण: प्रत्येक तहसील मुख्यालय पर प्रमुख नागरिक गोष्ठी आयोजित की जाएगी।
पांचवां चरण: 16 से 31 अगस्त 2026 तक चलेगा।
छठा चरण: 1 से 10 सितंबर 2026 तक आयोजित होगा।
सातवां और अंतिम चरण: 27 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
संघ प्रमुख का गोरखपुर दौरा
फरवरी 2026 में गोरखपुर में आयोजित प्रमुख कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत स्वयं भाग लेंगे। वे इस दौरान तीन से चार दिन तक गोरखपुर प्रवास करेंगे। संघ प्रमुख के प्रवास के दौरान न केवल संगठनात्मक कार्यक्रम होंगे बल्कि वे वरिष्ठ पदाधिकारियों से रणनीतिक चर्चा भी करेंगे।
शीर्ष पदाधिकारियों के होंगे लगातार दौरे
प्रांत प्रचारक रमेश ने यह भी बताया कि शताब्दी वर्ष में संघ के शीर्ष केंद्रीय पदाधिकारियों के लगातार प्रवास गोरखपुर प्रांत में होते रहेंगे। संगठन के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी शीघ्र ही सभी को उपलब्ध करा दी जाएगी।
उद्देश्य – घर-घर तक संघ का संदेश
संघ के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पहुंचना और सामाजिक समरसता का संदेश देना है। इस दौरान कार्यकर्ता टोली बनाकर घर-घर जाएंगे और संघ की गतिविधियों से लोगों को जोड़ेगे।
गोरखपुर समेत पूरे प्रांत में माहौल को देखते हुए यह स्पष्ट है कि शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम ऐतिहासिक होंगे। संघ प्रमुख मोहन भागवत का गोरखपुर प्रवास इस अभियान की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।