लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बेटियों की शिक्षा को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि राज्य में नर्सरी से ग्रेजुएशन तक हर बेटी की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। अमर उजाला और दैनिक जागरण की 11 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह योजना 2025-26 के बजट में शामिल की गई है और 10 लाख से ज्यादा बेटियों को सीधा लाभ मिलेगा। योजना में स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म, हॉस्टल, कोचिंग और ग्रेजुएशन तक का पूरा खर्च शामिल है। यह फैसला बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को नई ऊर्जा देगा और लिंग अनुपात में सुधार लाएगा। इस ब्लॉग में हम इस योजना की पूरी डिटेल्स, पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया और समाज पर प्रभाव बताएंगे।
योजना का पूरा विवरण: नर्सरी से ग्रेजुएशन तक फ्री शिक्षा
योगी सरकार ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ को और मजबूत करने के लिए नई योजना शुरू की है। मुख्य बिंदु:
- कवरेज: नर्सरी से ग्रेजुएशन (12वीं तक + कॉलेज) तक।
- खर्च: स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म, बैग, हॉस्टल, कोचिंग और परीक्षा फीस।
- लागत: 2025-26 में 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- लाभार्थी: 10 लाख+ बेटियां (प्रति वर्ष)।
- शुरुआत: 2025-26 सत्र से।
सरकार ने कहा, “बेटी की शिक्षा का पूरा खर्च हम उठाएंगे। कोई भी बेटी पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगी।”
पात्रता और लाभ: सभी बेटियों के लिए खुली योजना
- योजना का लाभ हर बेटी को मिलेगा, चाहे वह किसी भी जाति-धर्म की हो।
- बेटी का जन्म 1 जनवरी 2025 के बाद होना चाहिए।
- माता-पिता की आय सीमा नहीं है, सभी बेटियों के लिए खुली।
- लाभ: फीस, किताबें, यूनिफॉर्म, हॉस्टल और कोचिंग तक सब फ्री।
- 2030 तक 50 लाख बेटियों को लाभ।
मुख्यमंत्री ने कहा, “बेटी हमारी बेटी है, उसकी शिक्षा और सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।”
योजना का महत्व: लिंग अनुपात और शिक्षा में क्रांति
यूपी में लिंग अनुपात 2024 में 930 लड़कियां प्रति 1000 लड़के है। यह योजना बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करेगी। साथ ही शिक्षा पर जोर देकर बेटियों को सशक्त बनाएगी। योजना से ड्रॉपआउट रेट कम होगा और बेटियां उच्च शिक्षा तक पहुंचेंगी।
आवेदन और कार्यान्वयन: ऑनलाइन पोर्टल से रजिस्ट्रेशन
- योजना का पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल betibachao.up.gov.in पर होगा।
- जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और स्कूल प्रमाण पत्र से रजिस्ट्रेशन।
- राशि सीधे बेटी के बैंक खाते या स्कूल में ट्रांसफर।
- पहले चरण में 2025-26 में 10 लाख बेटियों को लाभ।