गोरखपुर महिला अस्पताल में खुशखबरी: OT में लगेंगे 40 नए बेड, मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधा
गोरखपुर महिला अस्पताल में खुशखबरी: 27 नवंबर 2025: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में स्थित जिला महिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (OT) में जल्द ही 40 नए बेड लगाए जाएंगे। यह कदम अस्पताल की भर्ती क्षमता को बढ़ाने और महिलाओं व बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस उन्नयन से अस्पताल में आने वाले मरीजों को त्वरित इलाज मिल सकेगा, खासकर प्रसव और सर्जरी संबंधी मामलों में। गोरखपुर जैसे शहर में जहां महिला स्वास्थ्य सेवाओं की मांग हमेशा अधिक रहती है, यह विकास स्थानीय निवासियों के लिए राहत की सांस लेकर आएगा।
OT अपग्रेड का पूरा प्लान
जिला महिला अस्पताल, जो मुख्य रूप से महिलाओं और बच्चों के इलाज के लिए समर्पित है, वर्तमान में सीमित संसाधनों के कारण ओवरलोडेड रहता है। मौजूदा OT में बेडों की कमी के चलते कई मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। अब स्वास्थ्य विभाग ने 40 नए बेड स्थापित करने का फैसला लिया है, जिससे OT की क्षमता में भारी सुधार होगा।
अधिकारी के अनुसार, ये नए बेड आधुनिक डिजाइन वाले होंगे, जो सर्जरी के दौरान अधिक आराम और सुरक्षा प्रदान करेंगे। OT को डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा, जिसमें हाई-टेक उपकरण जैसे एनेस्थीसिया मशीनें और सर्जिकल लाइट्स शामिल होंगी। अनुमानित लागत करीब 2-3 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जो राज्य सरकार के स्वास्थ्य बजट से वित्त पोषित होगी। कार्यान्वयन का समयसीमा 3-4 महीने का है, यानी मार्च 2026 तक सभी सुविधाएं चालू हो जाएंगी।
अधिकारियों के बयान और लाभ
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. अनीता सिंह ने कहा, “गोरखपुर महिला अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज आते हैं,
लेकिन बेडों की कमी से कई को अन्य अस्पतालों रेफर करना पड़ता है।
40 नए बेड लगने से हमारी क्षमता 50% तक बढ़ जाएगी। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली गर्भवती
महिलाओं को लाभ मिलेगा। हमारा लक्ष्य जीरो मॉर्टेलिटी रेट हासिल करना है।”
जिला मजिस्ट्रेट की देखरेख में यह प्रोजेक्ट चल रहा है। डीएम ने हाल ही में अस्पताल का निरीक्षण किया
और स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत में इसकी मंजूरी दिलाई।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल भर्ती क्षमता बढ़ेगी, बल्कि इमरजेंसी सेवाएं भी तेज होंगी।
उदाहरण के लिए, सी-सेक्शन और गायनेकोलॉजिकल सर्जरी के मामलों में वेटिंग टाइम कम हो जाएगा।
अस्पताल का इतिहास और पिछली प्रगति
गोरखपुर जिला महिला अस्पताल की स्थापना 1950 के दशक में हुई थी और यह पूर्वांचल का प्रमुख महिला स्वास्थ्य केंद्र है।
पिछले कुछ वर्षों में योगी सरकार ने यहां कई सुधार किए हैं। 2023 में 20 नए वेंटिलेटर लगाए गए थे,
जबकि 2024 में ICU को अपग्रेड किया गया। इन प्रयासों से अस्पताल की रैंकिंग उत्तर प्रदेश में टॉप 10 में आ गई है।
लेकिन बढ़ती आबादी के कारण OT की समस्या बनी हुई थी। अब 40 बेड का जोड़ना इसकी पूर्ति करेगा।
स्थानीय महिलाओं ने इसकी सराहना की है। एक निवासी मीना देवी ने बताया, “हमारे गांव से आने में घंटों लगते हैं,
लेकिन बेड न मिलने पर वापस लौटना पड़ता है। यह नई सुविधा हमारी जिंदगी बदलेगी।” इसी तरह,
सोशल एक्टिविस्ट रानी सिंह ने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं।
भविष्य की योजनाएं
स्वास्थ्य विभाग ने घोषणा की है कि 2026 तक अस्पताल में 100 बेड का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा,
टेलीमेडिसिन सुविधा शुरू होगी, जिससे दूर-दराज के मरीजों को वीडियो कंसल्टेशन मिल सकेगा।
गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के सहयोग से ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे, ताकि डॉक्टरों की क्षमता बढ़े।
यह विकास न केवल गोरखपुर बल्कि आसपास के जिलों जैसे देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के लोगों के लिए फायदेमंद होगा।
सरकार का फोकस ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत सभी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने पर है।
जैसे ही निर्माण कार्य शुरू होगा, हम आपको अपडेट देते रहेंगे।