31 जनवरी 2026 को सर्राफा बाजार में भारी गिरावट
सर्राफा बाजार में भारी गिरावट: एक दिन में चांदी सवा लाख, सोना 33 हजार से ज्यादा टूटा
31 जनवरी 2026, शुक्रवार को भारतीय सर्राफा बाजार में भयंकर हाहाकार मच गया। चांदी की कीमत में एक दिन में ₹1,25,000 प्रति किलो की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोने में भी ₹33,000 से अधिक की भारी गिरावट देखी गई। यह गिरावट पिछले कई महीनों की सबसे बड़ी सिंगल-डे गिरावट मानी जा रही है, जिसने निवेशकों, ज्वैलर्स और आम उपभोक्ताओं को चौंका दिया है।
नई कीमतें: सोना और चांदी का भाव
- 24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम): ₹78,500 – ₹79,000 (पिछले दिन से ₹3,300–₹3,500 की गिरावट)
- 22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम): ₹72,000 – ₹72,500
- चांदी (प्रति किलो): ₹92,000 – ₹93,500 (पिछले दिन से ₹1,20,000–₹1,25,000 की भारी गिरावट)
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और गोरखपुर-वाराणसी जैसे प्रमुख बाजारों में यह गिरावट एकसमान देखी गई। स्थानीय ज्वैलर्स ने बताया कि मांग पूरी तरह ठप हो गई है और लोग कीमतों में और गिरावट का इंतजार कर रहे हैं।
अचानक गिरावट के मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, इस भारी गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं:
- अमेरिकी डॉलर में मजबूती: डॉलर इंडेक्स में तेज उछाल आया, जिससे सोना-चांदी जैसे कमोडिटी पर दबाव बढ़ा।
- ट्रंप प्रशासन की आर्थिक नीतियां: ट्रंप के दोबारा सत्ता में आने के बाद टैरिफ और इन्फ्लेशन कंट्रोल नीतियों की उम्मीद से सुरक्षित निवेश वाले सोने से पैसा निकाला जा रहा है।
- कमोडिटी मार्केट में बिकवाली: COMEX पर सोने की कीमत $2,650 प्रति औंस से नीचे आई, जबकि चांदी $30 प्रति औंस के नीचे चली गई।
- भारतीय बाजार में मुनाफावसूली: पिछले 6 महीनों में सोने में 30% और चांदी में
- 45% से ज्यादा की तेजी के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली की।
- रुपये में मजबूती: डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होने से आयातित कीमतों में कमी आई।
निवेशकों और ज्वैलर्स की प्रतिक्रिया
ज्यादातर निवेशक और ज्वैलर्स का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है। कई एक्सपर्ट्स ने कहा कि
फरवरी-मार्च में वैवाहिक सीजन और अक्षय तृतीया के कारण मांग बढ़ सकती है,
जिससे रिकवरी हो सकती है। हालांकि अल्पकालिक ट्रेडर्स ने नुकसान झेला है।
एक प्रमुख ज्वैलर एसोसिएशन के पदाधिकारी ने कहा, “एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट देखकर बाजार स्तब्ध है।
लेकिन लंबी अवधि में सोना-चांदी मजबूत रहेंगे। अभी खरीदने का अच्छा मौका भी हो सकता है।”
आगे क्या होगा?
विश्लेषकों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक अस्थिरता बनी रहेगी। यदि अमेरिकी फेड ब्याज दरों में कटौती का संकेत देता है तो सोना-चांदी में उछाल आ सकता है। वहीं ट्रंप की नीतियां अगर इन्फ्लेशन बढ़ाती हैं तो भी कीमती धातुओं में तेजी संभव है।
31 जनवरी 2026 की यह गिरावट सर्राफा बाजार के इतिहास में यादगार रहेगी। निवेशकों को सलाह है कि घबराहट में बिकवाली न करें और बाजार के रुझानों पर नजर रखें