सोने-चांदी बाजार में भारी धसान: क्या है कारण?
सोने का भाव प्रतिशत टूटा और चांदी में 38% की बड़ी गिरावट ने भारतीय ज्वेलरी बाजार को हिलाकर रख दिया है। फरवरी 2026 में वैश्विक आर्थिक मंदी, अमेरिकी फेड रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती और चीन की मांग में कमी के चलते सोना 20% तक लुढ़क गया। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता के सर्राफा बाजारों में 10 ग्राम सोने की कीमत 75,000 रुपये से गिरकर 60,000 रुपये के नीचे आ गई। चांदी की स्थिति और भी खराब है, जहां 1 किलो चांदी का भाव 1.2 लाख से घटकर 75,000 रुपये पर सिमट गया। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से खरीदार गायब हैं। निवेशक सतर्क मोड में हैं, क्योंकि विशेषज्ञ आगामी महीनों में और गिरावट की चेतावनी दे रहे हैं। यह गिरावट उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में शादी-विवाह सीजन को प्रभावित कर रही है, जहां गोरखपुर और लखनऊ के बाजार ठप्प पड़े हैं।
सोने का भाव क्यों टूटा? प्रतिशत में विश्लेषण
सोने का भाव में आई 22% की गिरावट पिछले 6 महीनों की सबसे बड़ी है। जनवरी 2026 में 24 कैरेट सोने की कीमत 78,500 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो अब 61,000 रुपये पर पहुंच गई। वैश्विक स्तर पर MCX पर सोने के फ्यूचर्स 15% नीचे ट्रेड कर रहे। मुख्य कारणों में डॉलर इंडेक्स का मजबूत होना, स्टॉक मार्केट में तेजी और जियोपॉलिटिकल टेंशन में कमी शामिल है। भारत में इंपोर्ट ड्यूटी कटौती ने भी दबाव बढ़ाया। गोरखपुर जैसे शहरों में लोकल ज्वेलर्स बताते हैं कि छोटे निवेशक 5-10% की और गिरावट का इंतजार कर रहे। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर फेड रिजर्व ब्याज दरें 4% से नीचे जाती हैं, तो सोने का भाव 55,000 रुपये तक जा सकता है।
चांदी में 38% की रिकॉर्ड गिरावट: निवेशकों का क्या होगा?
चांदी में 38% की बड़ी गिरावट ने सिल्वर ट्रेडर्स को रुला दिया। 1 किलो चांदी का भाव 1.25 लाख से गिरकर 78,000 रुपये हो गया। इंडस्ट्रियल डिमांड में कमी (सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर) मुख्य वजह है। MCX पर चांदी के फ्यूचर्स 40% नीचे हैं। उत्तर भारत में चांदी के बर्तन और सिक्कों की बिक्री 70% घटी। खरीदार गायब क्यों? क्योंकि 2025 की रिकवरी के बाद अब ओवरसोल्ड फियर है। एनालिस्ट सलाह देते हैं कि लॉन्ग-टर्म निवेशक 70,000 के आसपास खरीदारी शुरू करें।
खरीदार क्यों गायब? बाजार मनोविज्ञान और रणनीति
सोने-चांदी कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद खरीदार गायब हैं, क्योंकि फियर ऑफ
मिसिंग आउट (FOMO) अब फियर ऑफ लॉस में बदल गया। 70% रिटेल निवेशक वेट एंड वॉच पॉलिसी पर हैं।
सोशल मीडिया पर #GoldCrash ट्रेंडिंग है, लेकिन खरीदारी शून्य।
ज्वेलर्स रिपोर्ट करते हैं कि शादियों में गोल्ड ज्वेलरी की जगह सिल्वर या डायमंड ले रहे। सलाह:
SIP में सोना खरीदें, 5-10% पोर्टफोलियो रखें। गोरखपुर मार्केट में 50% दुकानें बंद।
भविष्य का अनुमान: कब होगा रिकवरी?
विशेषज्ञों का मानना है कि Q2 2026 तक सोने का भाव स्थिर होगा, लेकिन चांदी में 10% और गिरावट संभव।
कारण: रिसेशन फियर और क्रिप्टो में शिफ्ट। भारत में अक्षय तृतीया तक वेट करें।
निवेश टिप्स: ईटीएफ चुनें, फिजिकल गोल्ड अवॉइड करें।
गोरखपुर निवासियों के लिए लोकल रेट्स चेक करें।