गोरखपुर के गोड़धोड़िया नाले के किनारे स्थित मकानों की हालत पिछले कुछ समय से बेहद खराब थी। लगातार बारिश और जलभराव के कारण मकानों में दरारें आ गई थीं, जिससे वहां रहने वाले परिवारों में भय का माहौल पैदा हो गया था। शुक्रवार की सुबह अचानक तीन मकानों का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया, जिससे पूरा सामान मलवे में दब गया। इस घटना ने नाले के आसपास बसे अन्य लोगों को भी चिंता में डाल दिया। प्रभावित परिवारों का दर्द और नुकसान बेहद बड़ा है।
गोड़धोड़िया नाले के किनारे बने तीन मकान शुक्रवार सुबह अचानक भरभरा कर गिर पड़े।मकानों में पहले से दरारें आ चुकी थीं, जिससे खतरे का अंदेशा था।गिरने के बाद मकान का सारा सामान मलवे में दब गया।लोगों ने हादसे के वीडियो भी बनाए, जिसमें पीड़ा और दहशत साफ दिखती है।
मई 2025 में प्रशासन ने एक मकान को खतरा दिखाकर ध्वस्त कराया था।बावजूद इसके, बाकी मकानों की समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई।प्रशासन ने अब पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की तैयारी शुरू कर दी है।क्षतिग्रस्त मकानों के स्थान पर नई योजना बनाकर निर्माण की बात कही जा रही है।
गोड़धोड़िया नाले के किनारे मकानों के गिरने की घटना प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी त्रासदी है। प्रशासन अब मुआवजा देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए नई योजना बना रहा है। लोगों का जीवन संकट में होने के कारण, प्रशासन को तेज़ कार्रवाई करनी होगी, जिससे वे सुरक्षित रह सकें और उनका पुनर्वास जल्द हो सके।
