गोवा अग्निकांड
गोवा। गोवा की रंगीन रातों का सपना एक परिवार के लिए काल बन गया। दिल्ली के करावल नगर की भवना जोशी (40 वर्ष) की छुट्टियां क्लब अग्निकांड में दुखांतिमा में बदल गईं। 7 दिसंबर 2025 को अरपोरा के ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में सिलेंडर ब्लास्ट से लगी आग ने 25 लोगों की जान ले ली, जिनमें भवना का पति विनोद कुमार (43 वर्ष) और तीन बहनें – कमला जोशी (42 वर्ष), अनीता जोशी (41 वर्ष) और सरोज जोशी (39 वर्ष) शामिल हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया और हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट्स के अनुसार, भवना ही चमत्कारिक रूप से बच गईं, लेकिन उन्होंने अपना सुहाग और तीनों बहनों को खो दिया। परिवार 4 दिसंबर को गोवा पहुंचा था, और क्लब में घुसते ही आग लग गई।
परिवार की दुखद कहानी: छुट्टियों का सपना, मौत का अंतिम सफर
भवना जोशी, उनके पति विनोद कुमार और तीन बहनें कमला, अनीता व सरोज दिल्ली के करावल नगर से 4 दिसंबर को गोवा पहुंचीं। यह लंबे समय बाद परिवार का पहला वेकेशन था। सरोज (39 वर्ष) एक छोटी ट्रैवल एजेंसी ‘फ्लाई अराउंड ट्रिप’ चलाती थीं, जो गोवा का प्लान बना रही थीं। कमला और अनीता गृहिणियां थीं। 7 दिसंबर रात को वे ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ क्लब पहुंचे, जहां ‘बॉलीवुड बैंガー नाइट’ चल रही थी। क्लब में घुसते ही 15 मिनट बाद सिलेंडर ब्लास्ट हो गया।
भवना ने बताया, “विनोद ने मुझे धक्का देकर बाहर निकाला। वे बहनों को बचाने वापस लौटे, लेकिन आग ने सबको घेर लिया। मैं बाहर चीखती रहीं, लेकिन कोई मदद न आई।” भवना ने होटल रिसेप्शन को कॉल की, लेकिन देरी हुई। विनोद और बहनें दम घुटने से मर गईं। भवना को मामूली चोटें आईं। परिवार के बच्चे (भवना के दो बच्चे और बहनों के बच्चे) घर पर इंतजार कर रहे थे। रिश्तेदारों ने शव गोवा से दिल्ली लाए। अंतिम संस्कार 8 दिसंबर को हुआ, जहां पूरा मोहल्ला रो पड़ा।
क्लब अग्निकांड का पूरा विवरण: सिलेंडर ब्लास्ट से 25 मौतें
अरपोरा के इस क्लब में रात 12 बजे सिलेंडर ब्लास्ट हुआ, जो आग में बदल गया। पुलिस के अनुसार:
- 20 स्टाफ और 5 टूरिस्ट मरे।
- मौत का कारण: दम घुटना (सफोकेशन), क्योंकि ग्राउंड फ्लोर का मुख्य गेट बाहर से बंद था।
- क्लब सॉल्ट पैन के बीच बना, एंट्री गेट 50 मीटर दूर।
- फायर सेफ्टी का उल्लंघन – कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं।
- मालिक सौरभ और गौरव लूथरा फरार, इंटरपोल से मदद मांगी गई।
CM प्रमोद सावंत ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। एक्टिविस्ट ने कहा, “क्लब सरकारी जमीन पर बिना परमिशन बना था।”
परिवार का दर्द: ‘सब कुछ खो दिया’, भवना का रो-रोकर बुरा हाल
भवना ने कहा, “मैंने सब खो दिया। बच्चे पूछते हैं, पापा-मामी कब आएंगे?” विनोद की मां ने रोते हुए कहा, “मेरा बेटा बहनों को बचाने गया, लेकिन…” रिश्तेदारों ने बताया, “बच्चों को अभी पूरी सच्चाई नहीं बताई।” भवना को चोटें हैं, लेकिन मानसिक आघात गहरा। परिवार ने क्लब मालिकों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
सबक: नाइटलाइफ सेफ्टी पर सवाल, गोवा में सतर्कता जरूरी
यह त्रासदी सेफ्टी पर सवाल खड़ी करती है:
- क्लब में फायर एग्जिट, स्मोक डिटेक्टर अनिवार्य।
- पर्यटकों को सलाह: रिव्यू चेक करें, इमरजेंसी नंबर सेव।
- सरकार को सेफ्टी ऑडिट बढ़ाना चाहिए।