पीपीगंज से
घटना की शुरुआत: स्कूल जाने के बहाने घर से निकलीं दोनों छात्राएं
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पीपीगंज थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना घटी। शुक्रवार की सुबह सब सामान्य था। एक 15 वर्षीय छात्रा (कक्षा 8) और दूसरी 19 वर्षीय छात्रा (कक्षा 10) रोज की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकलीं। किताब-कॉपी लेकर निकलीं, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटीं। परिवार पहले तो इंतजार करता रहा, सोचा शायद देर हो गई। रात होने पर चिंता बढ़ी।
परिजनों ने आस-पास, दोस्तों, रिश्तेदारों और स्कूल में खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार उन्होंने पीपीगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया और जांच शुरू की।
झांसे का खुलासा: “नौकरी से जिंदगी बदल जाएगी” का लालच
जांच में पुलिस को पता चला कि दोनों छात्राओं को अंबेडकरनगर जिले के एक होटल/गेस्ट हाउस संचालक ने संपर्क किया था। उसने फोन या अन्य माध्यम से बात की और नौकरी का लालच दिया। कहा गया, “नौकरी मिल जाएगी, तुम्हारी जिंदगी बदल जाएगी।” इसी झांसे में दोनों छात्राएं स्कूल के बहाने घर से निकलीं और अंबेडकरनगर की ओर चली गईं।
ऐसे झांसे आजकल आम हो गए हैं, जहां नौकरी, पढ़ाई या बेहतर जीवन का वादा करके युवतियों को बहकाया जाता है। कई बार यह मानव तस्करी या अन्य अपराधों में बदल जाता है। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी के कारण ऐसी घटनाएं ज्यादा होती हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: शनिवार को दोनों बरामद
शनिवार को पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाई। अंबेडकरनगर जिले में छापेमारी और खुफिया जानकारी के आधार पर दोनों छात्राओं को सुरक्षित बरामद कर लिया। दोनों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले की गहन जांच की और होटल संचालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।
यह पुलिस की बड़ी सफलता रही, क्योंकि कुछ ही घंटों में दोनों को बचा लिया गया।
क्षेत्र में इस घटना से हड़कंप मच गया था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से राहत मिली।
समाज के लिए सबक: बच्चों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी
यह घटना हमें सतर्क करती है। आज सोशल मीडिया,
फोन कॉल्स और स्थानीय स्तर पर ऐसे लोग सक्रिय हैं जो नौकरी या
बेहतर जिंदगी का झांसा देकर युवतियों को फंसाते हैं। परिवारों को बच्चों से खुलकर बात करनी चाहिए,
उनके फोन और दोस्तों पर नजर रखनी चाहिए। छात्राओं को भी सिखाना जरूरी है कि
किसी अनजान के वादे पर भरोसा न करें, पहले परिवार या पुलिस से सलाह लें।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका सराहनीय है।
त्वरित एक्शन से बड़ी त्रासदी टल गई। लेकिन समाज को भी जागरूक होना होगा।
लड़कियों की सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान,
स्कूलों में सेशन और ग्रामीण स्तर पर चर्चा जरूरी है।
आशा है यह घटना अन्य परिवारों के लिए चेतावनी बनेगी। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें।