प्रयागराज में चलती ट्रेन में यात्रियों के मोबाइल लूटने वाले कुख्यात “डंडा मार गिरोह” के सरगना को आखिरकार जीआरपी (Government Railway Police) ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरोह काफी समय से रेलवे ट्रैक और पुलों के आसपास सक्रिय था और यात्रियों को निशाना बनाकर उनके मोबाइल फोन छीन रहा था।
इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद खतरनाक और चौंकाने वाली थी। ट्रेन की बोगी के गेट पर बैठे यात्रियों को यह अपराधी अपना शिकार बनाते थे। जैसे ही कोई यात्री मोबाइल देखने में व्यस्त होता, बदमाश अचानक डंडा मारकर उसके हाथ से मोबाइल गिरा देते और तुरंत उसे उठाकर फरार हो जाते थे।
प्रयागराज में सक्रिय था डंडा मार गैंग, सादे कपड़ों में GRP की प्लानिंग से हुआ बड़ा खुलासा
पिछले कई महीनों से यह गिरोह प्रयागराज के सूबेदारगंज स्टेशन के पश्चिम और नैनी रेलवे पुल के पास सक्रिय था। जीआरपी ने पहले भी कई बार कार्रवाई करते हुए कुछ बदमाशों को गिरफ्तार किया, लेकिन जमानत पर छूटते ही अपराधियों ने अपनी लोकेशन बदल ली और फिर से वारदात को अंजाम देने लगे।
हाल के दिनों में सोहबतियाबाग डाट पुल के पास इस गिरोह की गतिविधियां बढ़ गई थीं। कई यात्रियों के मोबाइल छीने जाने की शिकायतें मिलने के बाद जीआरपी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और एक नई रणनीति तैयार की।
GRP ने बनकर यात्री किया बड़ा खुलासा
जीआरपी ने इस बार सीधे कार्रवाई करने के बजाय एक चालाक योजना बनाई। दो पुलिस जवानों को सादे कपड़ों में यात्री बनाकर ट्रेन में बैठाया गया। ये जवान जानबूझकर बोगी के गेट पर बैठ गए और मोबाइल इस्तेमाल करने लगे, ताकि बदमाशों को आकर्षित किया जा सके।
सावधान: ट्रेन के गेट पर बैठकर मोबाइल चलाना हो सकता है खतरनाक!
जैसे ही ट्रेन सोहबतियाबाग पुल के पास पहुंची, तीन बदमाशों ने पहले की तरह डंडा मारकर मोबाइल गिराने की कोशिश की। योजना के अनुसार, मोबाइल गिरते ही पहले से ट्रैक के पास तैनात जीआरपी टीम सक्रिय हो गई।
इंस्पेक्टर एके सिंह और सब इंस्पेक्टर अरविंद कुमार यादव की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना महेश भारतीय उर्फ बउआ को मौके से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसके दो साथी मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
👉 बदमाशों ने किया हमला… और फिर पकड़े गए
गिरफ्तार आरोपी प्रयागराज के साउथ मलाका झोपड़पट्टी का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया कि वह चोरी किए गए मोबाइल को बेहद सस्ते दाम, लगभग 2000 रुपये में दुकानों पर बेच देता था।जीआरपी की इस कार्रवाई को रेलवे सुरक्षा के लिहाज से बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे पहले इस गिरोह के कारण यात्रियों में डर का माहौल था, खासकर उन लोगों में जो ट्रेन के गेट पर बैठकर यात्रा करते थे।
ट्रेन में मोबाइल लूट गैंग पकड़ा गया!
रेलवे पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सावधानी बरतें और गेट पर बैठकर मोबाइल का उपयोग करने से बचें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के संकेत मिले हैं। जीआरपी अब फरार बदमाशों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का सफाया कर दिया जाएगा।
