स्कूलों में किताबों पर कमीशन का खेल
उत्तर प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में किताबों पर कमीशन का बड़ा खेल चल रहा है। एक स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ कि 180 रुपये की किताब पेरेंट्स से 450 रुपये में खरीदवाई जा रही है। स्कूल मैनेजमेंट और पब्लिशर्स की मिलीभगत से यह सौदेबाजी हो रही है। कैमरे में सौदेबाजी कैद हो गई, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यह स्टिंग 2025 में किया गया और यूपी के कई स्कूलों में यह प्रथा आम है।
स्टिंग में स्कूल स्टाफ ने खुलकर बताया कि पब्लिशर्स से कमीशन मिलता है। किताब की असली कीमत कम होती है, लेकिन स्कूल निर्दिष्ट दुकानों से खरीदवाते हैं, जहां मार्जिन ज्यादा है। पेरेंट्स को कहा जाता है कि किताबें सिर्फ स्कूल से या निर्दिष्ट दुकान से लें। इससे स्कूल को 30-50% कमीशन मिलता है। एक किताब सेट पर हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
पेरेंट्स शिकायत कर रहे हैं कि महंगाई में किताबें और महंगी कर दी गईं। स्टिंग में दुकानदार ने कहा कि स्कूल प्रेशर डालते हैं। पब्लिशर्स स्पेशल एडिशन बनाते हैं, जो बाजार में उपलब्ध नहीं। इससे प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाती है। यूपी में हजारों प्राइवेट स्कूल हैं और लाखों पेरेंट्स प्रभावित हैं।
शिक्षा विभाग ने कहा कि जांच होगी और दोषियों पर कार्रवाई। RTE एक्ट में किताबों पर मनमानी रोक है, लेकिन प्राइवेट स्कूल नियम तोड़ रहे हैं। पेरेंट्स एसोसिएशन ने विरोध किया और बाजार से किताब खरीदने की अपील की। स्टिंग वीडियो वायरल हो गया है।
यह कांड शिक्षा के व्यावसायीकरण को दिखाता है। स्कूल शिक्षा नहीं, व्यापार कर रहे हैं। पेरेंट्स को जागरूक होना होगा। बाजार से किताब चेक करें और शिकायत करें।
स्टिंग खुलासा: सौदेबाजी कैद
स्टिंग में:
- 180 की किताब 450।
- कमीशन 30-50%।
- निर्दिष्ट दुकान।
- स्पेशल एडिशन।
- पेरेंट्स ठगे।
- वीडियो वायरल।
- शिकायत।
खुलासा बड़ा।
पेरेंट्स शिकायत: बोझ बढ़ा
पेरेंट्स बोले:
- महंगी किताबें।
- मजबूरी।
- हजारों अतिरिक्त।
- शिकायत।
- जागरूकता।
- बाजार खरीद।
- विरोध।
बोझ असहनीय।
विभाग कार्रवाई: जांच अपडेट
विभाग ने:
- जांच आदेश।
- RTE उल्लंघन।
- कार्रवाई।
- नियम सख्त।
- अपडेट।
- शिकायत पोर्टल।
- सुधार।
कार्रवाई उम्मीद।
