गोरखपुर चिलुआताल में
गोरखपुर में दोस्ती बनी मौत की वजह! पिस्टल टेस्टिंग के दौरान चली गोली से युवक की मौत
गोरखपुर जनपद के चिलुआताल थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां दोस्तों के बीच अवैध पिस्टल की टेस्टिंग के दौरान चल गई गोली ने 22 वर्षीय युवक की जान ले ली। यह घटना रविवार शाम को हुई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें 3 नाबालिग भी शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान हमीनपुर तेनुआहिया गांव निवासी अरुण निषाद (22) के रूप में हुई है। अरुण पेंट पॉलिश का काम करता था और परिवार का मुख्य सहारा था। रविवार शाम करीब 4 बजे वह अपने 6 दोस्तों के साथ बगल के मैदान में गया। जांच में पता चला कि विशाल सिंह नामक युवक अवैध पिस्टल लेकर आया था। सभी युवक घेरा बनाकर पिस्टल को देख-परख रहे थे और टेस्टिंग कर रहे थे। इसी दौरान पिस्टल चेक करते वक्त अचानक गोली चल गई, जो सीधे अरुण के सीने में जा लगी। गोली लगते ही अरुण जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
गोली चलने के बाद क्या हुआ?
घटना के बाद सभी आरोपी घबरा गए और बाइक से फरार हो गए। परिजनों ने अरुण को तुरंत बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैला। लोगों ने सड़क जाम कर हंगामा किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में कई थानों की पुलिस और पीएसी तैनात की गई।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
एसपी सिटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। फुटेज में साफ दिखा कि युवक घेरा बनाकर खड़े थे और गोली चलने के बाद बाइक से भागते नजर आए। मुखबिर सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों के पास से 1 अवैध पिस्टल, 8 जिंदा कारतूस, 3 बाइक और 1 कार बरामद हुई। मुख्य आरोपी विशाल सिंह और सोनू यादव ने पहचान छिपाने के लिए बाल और दाढ़ी कटवा ली थी,
लेकिन सर्विलांस और साइबर टीम की मदद से पुलिस ने उन्हें ट्रेस कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
- विशाल सिंह (हमिदपुर)
- सोनू यादव उर्फ बल्ले यादव (करीमनगर)
- देवेंद्र कुमार
- छोटू उर्फ मानवेंद्र सिंह (पीपीगंज)
- अन्य आरोपी (कुल 7, जिसमें 3 नाबालिग)
परिवार में मातम
अरुण दो भाइयों में बड़ा था। पिता भोला निषाद ने थाने में तहरीर देकर नामजद आरोपियों के
खिलाफ केस दर्ज कराया। अरुण की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
गांव में शोक की लहर है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ हत्या, अवैध हथियार रखने और
अन्य धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना
अवैध हथियारों के खतरे और युवाओं में जागरूकता की कमी को दर्शाती है।
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