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मुक्ति दवाई मुक्त पढ़ाई फिशरमैन की यही लड़ाई मुफ्त दवाई मुफ्त पढ़ाई से भारत का राजस्व डबल कमाई शिक्षा रोजगार सबका अधिकार फिशरमैन आर्मी का यही पुकार निवेदक फिशरमैन चंद्रभान निषाद फिशरमैन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष
मुक्ति दवाई, मुक्त पढ़ाई – यही है हमारी आवाज, यही है हमारा संघर्ष।हमारी यह लड़ाई है,
देश के हर नागरिक का अधिकार पाने की।
मुफ्त दवाइयों से स्वस्थ भारत, मुफ्त पढ़ाई से जागरूक भारत बनाना है
हमारा लक्ष्य।यह संघर्ष सिर्फ एक आंदोलन नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है,
जो सरकार की नीतियों को मजबूत करने का प्रतीक है।देश का हर नागरिक,
गरीब हो या अमीर, युवावर्ग हो या बुजुर्ग, सबको मिले मुफ़्त में स्वास्थ्य और शिक्षा का अधिकार।
अगर हम सब मिलकर इस मुहिम को सफल बनाते हैं, तो भारत का भविष्य स्वर्णिम होगा।

भारत का राजस्व बढ़ेगा, जब हम भ्रष्टाचार और अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित करेंगे।
आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, जब हर व्यक्ति के पास शिक्षा और स्वास्थ्य का अधिकार होगा।
यह बात केवल कहने की नहीं, बल्कि इसे जीवन में अपनाने की है।
बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यह आंदोलन हर गली, हर मकान और हर दिल तक पहुंचे
।मुफ्त दवाइयां देश की जय के लिए जरूरी हैं, ताकि हर बीमार को तुरंत राहत मिल सके।
मुफ्त पढ़ाई से भविष्य के सपने पूरे होंगे, युवाओं में नई ऊर्जा का संचार होगा।
देश की जनता को उनके अधिकारों का ज्ञान होगा, तो नेतृत्व भी मजबूत होगा।
यह लड़ाई है, उन शक्तियों के विरुद्ध, जो देश को कमज़ोर करने में लगे हैं।यह लड़ाई है,
भ्रष्टाचार, अनियमितता और भ्रष्ट राजनीति के खिलाफ।यह आंदोलन है,
एक नई चेतना का, जो भारत के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा।
सभी देशवासियों का यह कर्तव्य है कि वे इस आंदोलन से जुड़ें, और अपने अधिकारों के लिए लड़ें
।देश को स्वस्थ और शिक्षित बनाना हमारा कर्तव्य है, और इसे निभाने का संकल्प हम सबको लेना है।
किसान, मजदूर, युवा, छात्र, महिलाएं – सभी को इसमें भागीदारी करनी होगी।
फिशरमैन आर्मी की आवाज़ देश को जोड़ने वाली सरिता है, जो हर दिल को आपस में जोड़ती है।
यह संगठन, फिशरमैन चंद्रभान निषाद जी की दूरदर्शिता का परिणाम है।
वे हमें प्रेरित करते हैं की हम अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाएं।
यह आंदोलन कोई छोटी बात नहीं, बल्कि भारत के जीवन का स्तंभ है।
हम सब मिलकर भारत को स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लें।
आइए, इस आवाज़ को ऊँचा करें, और फिर से विश्व में भारत का नाम रोशन करें।