बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और बिहार पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाई गई एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में राजधानी दिल्ली के द्वारका सेक्टर 23 इलाके में एक कुख्यात गिरोह के चार बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। इन बदमाशों की पहचान डेनवा पाठक, विशालू मंडल, फिरोज पाठक और अमीर आलम के रूप में हुई है। पुलिस की इस कार्रवाई से बिहार चुनाव में अशांति फैलाने की बड़ी साजिश को विफल कर दिया गया।
सिम्बा गिरोह का पूरी तरह पर्दाफाश
जानकारी के मुताबिक, यह गिरोह बिहार और उसकी सीमावर्ती इलाकों में अपराध की कई वारदातों तथा चुनाव के दौरान आतंक फैलाने की साजिश में शामिल था। बदमाशों के पास कई हथियार, गोला-बारूद और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इन अपराधियों की दिल्ली में मौजूदगी की सूचना बिहार पुलिस द्वारा दी गई थी जिसके बाद संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया गया।
15 मिनट तक चली गोलीबारीपुलिस को जैसे ही सूचना मिली, टीम ने घेराबंदी कर बदमाशों को चेतावनी दी। लेकिन, अपराधियों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में करीब 15 मिनट तक मुठभेड़ चली, जिसमें चारों बदमाश ढेर हो गए। मुठभेड़ में पुलिस की ओर से कोई हताहत नहीं हुआ।बिहार चुनाव में हिंसा फैलाने की थी तैयारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चारों अपराधी बिहार चुनाव के दौरान मतदाताओं में भय का माहौल बनाने, नेताओं को धमकाने और विरोधी गुट के लोगों पर हमला करने की योजना बना रहे थे। इनकी गिरफ्तारी और मुठभेड़ से होने वाली मौत से बड़ी अनहोनी टल गई और बिहार में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने की दिशा में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है।
नेपाल तक फैला था नेटवर्क
जांच में पता चला है कि यह गिरोह सिर्फ बिहार और दिल्ली ही नहीं, नेपाल तक भी अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था। वहां से अपराधियों को आर्थिक संसाधन और हथियार मुहैया कराए जाते थे। गिरोह का सरगना फिलहाल फरार बताया जा रहा है, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस को मिली बड़ी सफलतादिल्ली और बिहार पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई को एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह भी साफ हो गया है कि चुनाव के दौरान अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जनता को भी सचेत किया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते उस पर कार्रवाई की जा सके।
