गोरखपुर। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। 12 सितंबर 2026, शनिवार को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में खाद्य सुरक्षा से जुड़े तीन वर्ष से अधिक पुराने मामलों के निस्तारण पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके तहत वर्ष 2023 से पहले के लंबित वादों को प्राथमिकता के आधार पर लोक अदालत में शामिल किए जाने की तैयारी है।
प्रशासन ने संबंधित वादकारियों से अपील की है कि वे लोक अदालत के माध्यम से अपने लंबित मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराने का अवसर प्राप्त करें। इसके लिए निर्धारित तारीख से पहले आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कराने को कहा गया है।
12 सितंबर को अपर जिलाधिकारी नगर के न्यायालय में होगी प्रक्रिया
राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर अपर जिलाधिकारी (नगर)/न्याय निर्णायक अधिकारी के न्यायालय, पुरानी कचहरी कोर्ट, गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लंबित पुराने मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया होगी।
प्रशासन के अनुसार, तीन वर्ष से अधिक पुराने मामलों को लोक अदालत के माध्यम से सरल और प्रभावी तरीके से निस्तारित कराने का प्रयास किया जाएगा। इसमें विशेष रूप से वर्ष 2023 से पहले लंबित वादों को प्राथमिकता दी जाएगी।
8 से 11 सितंबर तक वादकारियों को पूरी करनी होगी जरूरी प्रक्रिया
संबंधित वादकारियों के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। उन्हें 8, 9, 10 और 11 सितंबर 2026 को अपर जिलाधिकारी नगर के न्यायालय, पुरानी कचहरी कोर्ट में उपस्थित होकर अपने प्रकरण से संबंधित आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी कराने को कहा गया है।
समय से जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने पर संबंधित मामलों को 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की वाद सूची में शामिल करने में सुविधा होगी। इससे निस्तारण की प्रक्रिया को भी सुगम बनाया जा सकेगा।
सुलह-समझौते के जरिए पुराने मामलों के समाधान का अवसर
लोक अदालत का उद्देश्य लंबित विवादों का सरल, त्वरित और कम खर्चीले तरीके से समाधान उपलब्ध कराना है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लंबित पुराने वादों का भी संबंधित पक्षों की सहमति और
निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण कराया जा सकेगा।
इससे लंबे समय से लंबित मामलों से जुड़े पक्षकारों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही
पुराने मामलों के निस्तारण से न्यायिक प्रक्रिया पर लंबित मामलों का दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
समय और संसाधनों की बचत का मिलेगा लाभ
प्रशासन के अनुसार लोक अदालत विवादों के समाधान का प्रभावी माध्यम है।
पक्षकारों की सहमति से मामलों का निस्तारण होने पर उन्हें लंबी
न्यायिक प्रक्रिया में समय और संसाधन खर्च करने से राहत मिल सकती है।
इसी उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा से जुड़े पुराने मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में प्राथमिकता के
साथ निस्तारित कराने की तैयारी की गई है। संबंधित वादकारियों से निर्धारित अवधि में
न्यायालय पहुंचकर अपने मामले से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की गई है।
2023 से पहले के लंबित मामलों पर विशेष फोकस
12 सितंबर 2026 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में वर्ष 2023 से पहले के खाद्य
सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के लंबित वादों के निस्तारण पर विशेष ध्यान रहेगा।
प्रशासन ने संबंधित पक्षकारों से समय रहते जरूरी प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है,
ताकि उनके मामलों को लोक अदालत की वाद सूची में शामिल करने में सुविधा हो।
वादकारियों के लिए 8 से 11 सितंबर 2026 तक आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने का अवसर है,
जबकि राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर 2026, शनिवार को आयोजित होगी।
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