यूपी में पांच जिंदा जले: जोरदार धमाका...चीखें और 10 सेकंड में भीषण आग – मां और 4 बच्चों ने तड़प-तड़पकर तोड़ा दम; गोरखपुर में सिलेंडर ब्लास्ट
गोरखपुर जिले में एक बार फिर सिलेंडर ब्लास्ट ने पूरे परिवार को छीन लिया। 11 दिसंबर 2025 की शाम करीब 7 बजे खजनी थाना क्षेत्र के एक गांव में एक घर में जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद चीखें गूंजीं और महज 10 सेकंड में पूरा घर भीषण आग में घिर गया। हादसे में एक मां और उसके चार छोटे बच्चों (उम्र 3 से 12 साल) ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। अमर उजाला और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट्स के अनुसार, मकान का पूरा ढांचा जलकर राख हो गया। पड़ोसियों ने चीखें सुनीं और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि कोई बच नहीं पाया। यह घटना गोरखपुर में बढ़ते सिलेंडर हादसों की श्रृंखला का हिस्सा है, जहां 2025 में अब तक 50+ ऐसे हादसे हो चुके हैं। इस ब्लॉग में हम इस दर्दनाक हादसे की पूरी डिटेल्स, कारण, पुलिस जांच और सिलेंडर सेफ्टी टिप्स बताएंगे।
हादसे का पूरा विवरण: 10 सेकंड में घर जलकर राख
हादसा खजनी थाना क्षेत्र के गांव में शाम 7 बजे हुआ। घर में मां (35 वर्ष) और उसके चार बच्चे (3, 6, 9 और 12 वर्ष) थे। पिता बाहर काम पर गए थे। पुलिस के अनुसार, मां रसोई में खाना बना रही थी। अचानक सिलेंडर में लीकेज हुआ और जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद आग इतनी तेजी से फैली कि 10 सेकंड में पूरा घर आग की लपटों में घिर गया।
- धमाके की आवाज 1 किमी तक सुनाई दी।
- पड़ोसियों ने चीखें सुनीं, लेकिन आग इतनी तेज थी कि कोई अंदर नहीं जा सका।
- मां और चारों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई।
- शव पूरी तरह झुलस गए, पहचान मुश्किल हो गई।
पुलिस और फायर ब्रिगेड ने 2 घंटे में आग पर काबू पाया।
मुख्य कारण: सिलेंडर लीकेज और लापरवाही
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया:
- सिलेंडर में लीकेज था, जो पुराना और खराब था।
- मां ने लीकेज की सूचना नहीं दी।
- घर में कोई फायर एक्सटिंग्विशर या सेफ्टी उपकरण नहीं था।
- सिलेंडर को रसोई में ही रखा गया था।
खजनी थाना प्रभारी ने कहा, “सिलेंडर लीकेज से धमाका हुआ। परिवार ने लापरवाही बरती।”
परिवार का दर्द: पिता और रिश्तेदार रो रहे
पिता बाहर काम पर थे। घर पहुंचकर वे रो पड़े। उन्होंने कहा, “मेरा पूरा परिवार चला गया।” रिश्तेदारों ने बताया, “बच्चे बहुत छोटे थे, मां अकेली थी।”
