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पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपया और उसे महिलाक को नौकरी बच्चों को निशुल्क शिक्षा वआवास मुहैया कराया जाए इस मांग को लेकर समस्त मछुआरा समुदाय सड़क को जाम किया अपनी मांग पर अड़े रहे प्रशासन के द्वारा उनकी मांगों को मानी गई वपरिवार को समझाया गया प्रशासन ने परिवार को कुछ मदद करने के लिए एग्री हुआ इसके बाद लास्ट को सड़क पर से हटाया गया और उनका दाह संस्कार किया गया प्रसिद्ध केस में गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र के महोब गांव के पास दिन-दहाड़े दिनेश निषाद की हत्या की गई।
दिनेश निषाद पर सुपारी देकर उसकी हत्या कराई गई थी। मुख्य आरोपी जुगुल निषाद और उसके साथी इस घटना में शामिल थे। घटना के दिन ग्राम प्रधान बृजेंद्र शाही ही गाड़ी चला रहे थे, जबकि अपराधी ने दिनेश को गोली मारी। पुलिस ने अब तक चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। घटना की जांच में पता चला कि दिनेश को पीछा कर घेर लिया गया था और सिर पर गोली मारी गई थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस हत्या के पीछे जमीन या राजनीतिक रंजिश जैसी वजहें मानी जा रही हैं। मृतक के परिजनों ने पुलिस से संपूर्ण जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है, साथ ही कुछ लोगों ने एनकाउंटर की भी मांग की थी। घटना ने स्थानीय निषाद समाज में काफी आक्रोश और चिंता फैला दी है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए कई छापेमारी कर रही है और आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए प्रयासरत है।
यह हत्या गोरखपुर में निषाद समाज के खिलाफ बढ़ती हिंसा की एक गंभीर उदाहरण है, जो समाज में भय और असुरक्षा की भावना को जन्म दे रही है। पिछले कुछ महीनों में निषाद जाति के कई लोगों से संबंधित इस तरह की हिंसक घटनाओं ने इलाके की कानून व्यवस्था को भी चुनौती दी है।इस प्रकार की वारदातों से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सामाजिक संगठन को मिलकर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है ताकि समाज में शांति बहाल हो सके और निषाद समाज के लोगों को न्याय मिल सके।