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कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव की बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा के दौरान एक विवादास्पद घटनाक्रम सामने आया। यात्रा की भीड़ में शामिल कुछ कार्यकर्ताओं का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय माँ को लेकर अपशब्द कहे जाने का दावा किया गया है। क्लिपिंग के अनुसार, इस घटना ने राजनीतिक तनाव और शब्दों की तीख़ी जंग को तेज़ कर दिया है।
भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया
घटना के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और राजद पर ज़ोरदार निशाना साधा। पार्टी ने इसे “राजनीति का सबसे निचला स्तर” बताते हुए कहा कि यात्रा “अपमान, घृणा और स्तरहीनता की सभी सीमाएँ पार कर चुकी है।” भाजपा के सोशल मीडिया हैंडल्स से भी तीखी प्रतिक्रियाएँ दर्ज की गईं, जिनमें इस तरह की भाषा और राजनीति की निंदा की गई।
अमित शाह का बयान
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सार्वजनिक मंचों से इस प्रकरण पर कड़ा वक्तव्य दिया। मुख्य बिंदु:
- पीएम मोदी और उनकी दिवंगत माँ के लिए अपशब्द कहना “लोकतंत्र के लिए कलंक” बताया।
- इसे “हर माँ और बेटे का अपमान” करार देते हुए कहा कि “140 करोड़ देशवासी इसे कभी माफ़ नहीं करेंगे।”
- आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की राजनीति अपने निम्नतम स्तर पर पहुँच चुकी है और “कांग्रेस फिर अपने पुराने चाल-चरित्र पर लौट आई है, जिसने देश की राजनीतिक संस्कृति में ज़हर घोला।”
- उन्होंने यह भी कहा कि गांधी परिवार ने गुजरात के मुख्यमंत्री काल से लेकर आज तक पीएम मोदी के प्रति “नफरत फैलाने में कसर नहीं छोड़ी” और अब “सारी सीमाएँ लाँघ दी गईं।”
पुलिस/कानूनी कार्रवाई
कटिंग के साथ छपे बॉक्स के मुताबिक, इस मामले में पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। बताया गया कि यह घटना दरभंगा में यात्रा के दौरान हुई, जिसके संदर्भ में राज्य भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से शिकायत की है। (रिपोर्ट में एफआईआर/धारा आदि का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, केवल शिकायत दर्ज होने की बात है।)
कांग्रेस/राजद का पक्ष?
दी गई कटिंग में कांग्रेस या राजद की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया या सफ़ाई उद्धृत नहीं है। इसलिए फिलहाल उनकी ओर का संस्करण उपलब्ध नहीं माना गया है। यदि कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है तो विवाद का दूसरा पक्ष स्पष्ट हो पाएगा।
घटना का संदर्भ और संभावित असर
- यह विवाद उस समय उठा है जब राहुल–तेजस्वी की संयुक्त गतिविधियाँ बिहार में विपक्षी गठबंधन की राजनीतिक ज़मीन मज़बूत करने के प्रयासों के रूप में देखी जा रही हैं।
- अभद्र/आपत्तिजनक नारों से जुड़ी घटनाएँ अक्सर कानूनी, नैतिक और राजनीतिक—तीनों स्तरों पर असर डालती हैं:
- कानूनी रूप से, शिकायत के आधार पर जाँच/सीसीटीवी/वीडियो सत्यापन आदि हो सकते हैं।
- नैतिक/सामाजिक स्तर पर, नफरत भरे भाषण (हेट स्पीच) पर बहस तेज़ होती है और पार्टियाँ एक-दूसरे से जवाबदेही की माँग करती हैं।
- राजनीतिक तौर पर, सत्ता और विपक्ष दोनों इसे मोबिलाइज़ेशन के लिए इस्तेमाल करते हैं—एक पक्ष संस्कृति और मर्यादा की बात उठाता है, दूसरा पक्ष जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के आरोप लगा सकता है।
मुख्य बिंदु (संक्षेप में)
- राहुल–तेजस्वी की यात्रा के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा पीएम और उनकी माँ के लिए कथित अपशब्द; वीडियो वायरल।
- भाजपा ने इसे “सबसे निचला स्तर” बताया; भारी निंदा।
- अमित शाह: “यह हर माँ-बेटे का अपमान; 140 करोड़ लोग माफ़ नहीं करेंगे।”
- पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज; घटना दरभंगा में बताई गई