आप नेता की मौत के बाद हुए हंगामे की खबर है। इसमें बताया गया है कि मृतक आप नेता की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने भारी विरोध-प्रदर्शन किया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी। अब पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है।
खबर का विस्तार:
- घटना का कारण
- आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता कुंवर बिहारी (35 वर्ष) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।
- उनकी मौत के बाद समर्थकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
- बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और हंगामा शुरू कर दिया।
- प्रदर्शन और उपद्रव
- प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
- इस दौरान कई लोग घायल हुए।
- थानेदार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
- पुलिस की कार्रवाई
- पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी करवाई।
- अब फुटेज खंगालकर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
- मैनदावर पुलिस जब आरोपियों की तलाश में पहुंची तो ज्यादातर घर और दुकानें बंद मिलीं।
- पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है ताकि आरोपी पकड़े जा सकें।
- राजनीतिक प्रतिक्रिया
- आप नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मृतक कुंवर बिहारी के परिवार से मिलने उनके घर पहुंचा।
- नेताओं ने परिवार को सांत्वना दी और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
- मामला दर्ज
- उपद्रव, पथराव और शांति भंग करने के आरोप में केस दर्ज हुआ है।
- पुलिस ने कई धाराओं में मुकदमा लिखा है।
- परिवार के आरोप
- मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके भाई पर लाठीचार्ज किया था, जिससे उसकी मौत हुई।
- परिवार ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
निष्कर्ष
खबर से साफ है कि आप नेता की मौत ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर तनाव पैदा कर दिया। एक ओर परिजन और समर्थक मौत के पीछे पुलिस की कार्रवाई को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, वहीं पुलिस उपद्रव करने वालों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है। फिलहाल पुलिस वीडियो फुटेज देखकर आरोपियों की पहचान कर रही है और जांच जारी ह