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किश्तवाड़। उत्तरखंड के धाराली में प्रकृति के कहर से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि अब जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भीषण तबाही मच गई। किश्तवाड़ के शिरोती गांव में शुक्रवार को सुबह बादल फटने से कम से कम 52 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें अधिकतर मचैल माता के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु हैं। सीजीडीएफएफटी के अनुसार इस घटना में 120 से ज्यादा घायल हैं।
लापता लोगों की संख्या बढ़कर 200 लोग हो सकती है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए सेना, वायुसेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें मौके पर जुट गई हैं। हादसे में अब तक 38 की हालत गंभीर है। मौसम खराब होने से हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
इस घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, गृहमंत्री अमित शाह व अन्य नेताओं ने गहरा दुख जताया है।
खौफनाक मंजर
किश्तवाड़ के शिरोती गांव में बादल फटने से हुई तबाही का मंजर खौफनाक था। पानी के साथ बहकर आई चट्टानों के चपेट में आकर कई इमारतें मलबे में दब गईं।
प्रधानमंत्री
बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं।
– नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
मुख्यमंत्री
बादल फटने की घटना प्रभावित करने के लिए दिवंगत आत्माओं को अपनी श्रद्धांजलि में स्थान दें।
– योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आपदा पर गहरा दुख जताया और पीड़ितों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
शिरोती गांव किश्तवाड़ से पैदल चलकर 25 किलोमीटर दूर स्थित है। तीर्थयात्रा मार्ग में कई जगह बाद रोक दिया गया है। यात्री जहां हैं, उन्हें रोक दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया, बहुस्तरीय मलबा और पानी के सैलाब ने पास की कई पहाड़ी पर बने घरों को बहा दिया है।
किश्तवाड़ से 83 किलोमीटर दूर स्थित पहाड़ियों पर बसे मचैल माता मंदिर में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे। मंदिर 9,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। 25 जुलाई से मचैल यात्रा शुरू हुई है। वहां के बड़े नालों में पानी का बहाव इतना तेज था कि कई जगह बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है।
लोगों से भरा था लंगर स्थल, यहीं पर सर्वाधिक तबाही
शिरोती में मचैल माता के श्रद्धालुओं के लिए चल रहे लंगर स्थल पर ही सबसे अधिक तबाही हुई। यहां सैकड़ों लोग मौजूद थे, जिनमें से अधिकतर की मौत हो गई। शवों को सुरक्षित पोस्ट मार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
पुल टूटने से कट गया संपर्क
आपदा में दो पुल बहकर टूट गए। पुल टूटने से किश्तवाड़ और मचैल माता के बीच का सड़क संपर्क पूरी तरह से कट गया है। मौसम खराब होने से हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
मौसम खराब, हेलिकॉप्टर का नहीं हो पा रहा इस्तेमाल
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राहत अभियान जारी है, पर मौसम खराब होने से हेलिकॉप्टर, मेडिकल टीम, एंबुलेंस और अन्य सेवाएं प्रभावित हैं।