समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने अफसरों को दिए निर्देश, कहा – प्रदेश भर में नहीं दिखने चाहिए बिचौलिय
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में माफियाओं का खात्मा हो चुका है और अस्पतालों को लूटखसोट से मुक्त करना सरकार की प्राथमिकता का हिस्सा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में मरीज माफिया के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए कि वे फिर कभी पनप न पाएं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज सहित सभी मेडिकल कॉलेज और प्रमुख अस्पतालों के कामकाज पर लगातार निगरानी रखी जानी चाहिए।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर सीएम सख्त
मुख्यमंत्री ने रविवार को गोरखपुर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में मरीजों के साथ बिचौलियों द्वारा की जाने वाली वसूली पर उन्होंने नाराजगी जताई।
उन्होंने निर्देश दिया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य समेत पांच चिकित्सकों और कर्मचारियों का वेतन तत्काल रोका जाए।
अवैध प्रैक्टिस पर रोक
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कोई भी चिकित्सक अगर निजी प्रैक्टिस करता पाया जाए तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। बीआरडी मेडिकल कॉलेज यूनिट 14, 19 और 42 के मरीजों की भर्ती और उपचार व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने के आदेश दिए गए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी भी अस्पताल में बिचौलियों का वर्चस्व नहीं होना चाहिए।
जनता को राहत
सीएम योगी ने कहा कि अस्पताल जनता के लिए बने हैं और वहां आने वाले हर मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। यदि कोई चिकित्सक या कर्मचारी मरीज को भ्रमित कर निजी क्लीनिक या अस्पताल भेजता है, तो उस पर कठोर कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने विश्वास के साथ भाजपा सरकार को चुना है। इस विश्वास को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।
शिक्षा और अन्य विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार की आवश्यकता है। स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए अधिकारियों को सजग रहना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने दायित्व का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
👉 सार यह है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और मरीज माफिया व बिचौलियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य समेत पांच लोगों का वेतन रोकने का आदेश भी दिया।
