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2,929 करोड़ के मामले में आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का केस
नई दिल्ली/मुंबई :
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2,929 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक धोखाधड़ी मामले में उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस लि. (आरकॉम) के खिलाफ केस दर्ज किया।
सीबीआई ने अनिल अंबानी के घर एवं कंपनी के दफ्तर पर शनिवार को छापा भी मारा। आरोप है कि गलत जानकारी देकर उन्होंने ऋण लिया और उस रकम का दुरुपयोग किया।
एसबीआई के मुंबई दफ्तर की शिकायत के आधार पर बृहस्पतिवार को आरकॉम के निदेशक अनिल अंबानी, अज्ञात सरकारी अधिकारी और अन्य आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी व आपराधिक विश्वासघात के आरोपों में केस दर्ज किया गया।
एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचते हुए गलत जानकारी दी और इसके बाद रकम को कंपनियों के बीच इधर-उधर घुमाया, हेराफेरी की।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश से तलाशी वारंट मिलने के बाद मुंबई के कफ परेड स्थित अंबानी के निवास सी-विंड और कंपनी परिसर पर छापेमारी की। छापेमारी देर रात तक जारी रही।
आरोप है कि रकम का इस्तेमाल ऋण चुकाने के लिए नहीं हुआ। एसबीआई के अनुसार, 13,667.73 करोड़ रुपये के ऋण और अन्य दायित्वों का भुगतान नहीं किया गया।
12,692.31 करोड़ रुपये संबंधित पक्षों को भुगतान किया गया, वहीं 5,501.56 करोड़ के ऋण का उपयोग भी संबंधित पक्षों के भुगतान के लिए किया गया।
मात्र 1,883.08 करोड़ का निवेश किया गया।
कंपनी पर 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया
शिकायत के अनुसार, कंपनी पर विभिन्न ऋणदाताओं का 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया था। मई 2018 के आंकड़ों के अनुसार, अकेले एक्सिम बैंक को 2,929 करोड़ का घाटा हुआ था।
फोरेंसिक ऑडिट में खुलासा
एफआईआर के मुताबिक, आरकॉम, रिलायंस इंफ्राटेल लि. और रिलायंस टेलीकॉम लि. को बैंकों से 31,580 करोड़ रुपये के ऋण मिले।
2020 में हुए फोरेंसिक ऑडिट में इस धन के उपयोग में हेराफेरी का पता चला।