नेपाल ने अपने इतिहास में पहली बार महिला प्रधानमंत्री के रूप में पुष्पा कमल दाहाल ‘काँकी’ को चुना है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। इससे पहले वह देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश भी बन चुकी हैं, जिससे उन्होंने नेपाल में महिलाओं के लिए एक नई मिसाल कायम की है।
उल्लेखनीय उपलब्धियां
काँकी का प्रधानमंत्री बनना इसलिए भी खास है, क्योंकि वे कई वर्षों से न्यायपालिका से जुड़ी रहीं और भ्रष्टाचार के खिलाफ कई महत्वपूर्ण फैसले दिए। उन्होंने अपने प्रशासनिक कौशल और कठोर निर्णय शैली से समाज में एक नया विश्वास पैदा किया।
नेपाल-भारत संबंधों पर प्रभाव
नियुक्ति के बाद काँकी ने नेपाल और भारत के रिश्ते को बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के साथ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूती देने के लिए वे हमेशा तत्पर रहेंगी।
आम चुनाव और चुनौतियाँ
खबर के अनुसार, नेपाल में अगले साल 5 मार्च को आम चुनाव कराने की घोषणा भी की गई है। नई सरकार को राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दों पर कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
भ्रष्टाचार पर सख्त नजर
काँकी ने भ्रष्टाचार के संबंध में कठोर जाँच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उनकी सख्त छवि और निष्पक्ष दृष्टिकोण से जनता में विश्वास पैदा हुआ है।
निष्कर्ष
काँकी का प्रधानमंत्री बनना नारी सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है और इससे नेपाल की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नया आयाम मिलेगा। उनकी नियुक्ति से देश में न्याय, पारदर्शिता और सामाजिक बदलाव की उम्मीद जग गई है