Oplus_0
मुख्य बातें:
- तेज वृद्धि दर
- अप्रैल-जून 2025 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी 7.8% की दर से बढ़ी है।
- यह वृद्धि दर पिछले पाँच तिमाहियों में सबसे अधिक है।
- इससे पहले जनवरी-मार्च 2024 की तिमाही में यह दर 8.4% थी।
- वृद्धि के मुख्य कारण
- कृषि क्षेत्र में 3.7% की वृद्धि।
- व्यापार, होटल, वित्तीय और रियल एस्टेट जैसे सेवाओं का बड़ा योगदान।
- बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवा क्षेत्र में 0.5% की बढ़ोतरी।
- निर्माण क्षेत्र (कंस्ट्रक्शन) में 6.8% की वृद्धि।
- प्रशासनिक और रक्षा संबंधी सेवाओं में 9.3% का उछाल।
- ट्रंप का दावा झूठा निकला
- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि भारत की अर्थव्यवस्था “मृत” हो चुकी है।
- लेकिन ताज़ा आंकड़े यह साबित करते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ गति से आगे बढ़ रही है।
- सोने की कीमत में उछाल
- सोना शुक्रवार को 2100 रुपये प्रति 10 ग्राम महँगा होकर 63,100 रुपये पर पहुँच गया।
- भारी ख़रीदारी के चलते यह रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा है।
- चाँदी भी 1,000 रुपये प्रति किलो बढ़कर 1.19 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुँच गई।
- जीडीपी का मूल्य
- स्थिर कीमतों पर जीडीपी का अनुमान 47.89 लाख करोड़ रुपये लगाया गया है।
- 2024-25 की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 44.42 लाख करोड़ रुपये था।
- मौजूदा कीमतों पर नाममात्र जीडीपी 8.8% बढ़कर 86.05 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है।
- रुपया और डॉलर
- अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड की 50% से ज्यादा यील्ड बढ़ने के कारण रुपये पर दबाव पड़ा।
- रुपया गिरकर 88 रुपये प्रति डॉलर से नीचे पहुँच गया।
- यह अब तक का सबसे निचला स्तर है।
सारांश:
भारत की अर्थव्यवस्था ने अप्रैल-जून 2025 की पहली तिमाही में 7.8% की मजबूत वृद्धि दर्ज की है। यह पाँच तिमाहियों में सबसे अधिक है और यह साबित करता है कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। कृषि, व्यापार, रियल एस्टेट, होटल और निर्माण क्षेत्र में उछाल ने इस वृद्धि को बल दिया है। वहीं सोने-चाँदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई हैं और रुपया 88 के नीचे गिरा है।
