इस खबर के अनुसार, गोरखपुर के गोला थाना परिसर में पुलिस द्वारा पिटाई किए जाने से एक दिव्यांग भाजपा कार्यकर्ता की मौत हो गई, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है। घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। गांव में बिजली कनेक्शन को लेकर विवाद हुआ था और इसी दौरान आरोपी पुलिसकर्मी लोगों को थाने बुलाकर मारपीट करने लगे, जिससे दिव्यांग कार्यकर्ता की गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई।
घटना का विवरण
- यह घटना गुरुवार रात की है जब गांव के लोग बिजली के काम के लिए थाने पहुंचे थे।
- वहां पुलिस ने मामला हल करने के बजाय लाठियां बरसाईं, जिसमें एक दिव्यांग भाजपा कार्यकर्ता को गंभीर चोटें आईं।
- विवाद उस समय बढ़ा जब गांव में दो खेतों पर बिजली के कनेक्शन को लेकर झगड़ा हो गया।
- पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया।
- पुलिस कार्यवाही के दौरान मारपीट में दिव्यांग कार्यकर्ता घायल हुआ और उसकी मौत हो गई।
प्रशासनिक कार्रवाई
- मुख्यमंत्री ने इस घटना पर तुरंत संज्ञान लिया और 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
- गोरखपुर के एसपी ने जांच टीम बना कर तहकीकात शुरू कर दी है।
- मृतक के परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया गया है।
सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिक्रिया
- इस घटना से इलाके में तनाव व्याप्त है और राजनीतिक स्तर पर इसकी निंदा की जा रही है।
- भाजपा नेताओं ने प्रशासन से न्याय की मांग की है और दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की मांग की है।
- गांव में लोगों ने प्रदर्शन भी किया और घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
अन्य प्रमुख बातें
- विवाद की शुरुआत बिजली कनेक्शन को लेकर हुई थी।
- थाने में पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिससे कई लोग घायल हुए।
- मृतक का परिवार अत्यंत दुखी है और प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है।
- पुलिस के इस अमानवीय व्यवहार की व्यापक आलोचना की जा रही है।
निष्कर्ष
यह घटना प्रशासनिक संवेदनशीलता, पुलिस के व्यवहार और सामाजिक न्याय से जुड़ी गंभीर चिंता को उजागर करती है। सरकार एवं प्रशासन को ऐसी घटनाओं को रोकने और दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की जरूरत है।