सरयू नदी की बाढ़ से तबाही – अब खाली कराया जाएगा ज्ञानकोल गांव
फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज़ चैनल रिपोर्ट
सरयू नदी की बाढ़ से तबाही – अब खाली कराया जाएगा ज्ञानकोल गांव
गोरखपुर जनपद के बड़हलगंज ब्लॉक क्षेत्र के ज्ञानकोल गांव में सरयू नदी की बाढ़ ने बड़ी तबाही मचा दी है। नदी के लगातार कटान से गांव के कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब इस गांव को खाली कराने का निर्णय लिया है। राजस्व टीम मौके पर पहुंचकर लगातार मुनादी कर रही है ताकि लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
गांव में मचा हाहाकार
जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे में सरयू नदी का जलस्तर लगभग 45 सेंटीमीटर बढ़ गया है। नदी के पानी में बढ़ोतरी से ज्ञानकोल गांव में भारी कटान शुरू हो गया है। स्थिति इतनी भयावह है कि लगभग 16 मकान नदी के तेज बहाव और कटान के कारण कभी भी ढह सकते हैं। ग्रामीण दहशत में हैं और लगातार अपने घरों से सामान सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं।
प्रशासन की सक्रियता
क्षेत्रीय विधायक के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम गांव में पहुंची। राजस्व कर्मियों ने खतरे वाले क्षेत्रों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को चेतावनी दी कि वे तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि लोगों की जान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
कटान की स्थिति
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है। ऐसे में कटान लगातार तेज हो रहा है। विभाग ने कुल 41 घरों को अत्यधिक जोखिम में चिन्हित किया है। इनमें से 16 मकान तुरंत खाली कराए जा रहे हैं।
ग्रामीणों की व्यथा
गांव के लोगों ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है। 1956 से अब तक इस गांव में दर्जनों बार कटान हो चुका है और हर साल नदी की धारा गांव को नुकसान पहुंचाती है। इस बार हालात ज्यादा गंभीर हैं। ग्रामीणों ने सरकार से स्थायी समाधान की मांग की है ताकि बार-बार विस्थापन की नौबत न आए।
अधिकारियों का निरीक्षण
मुख्य राजस्व अधिकारी व एसडीएम बड़हलगंज ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी। वहीं, सिंचाई विभाग भी नदी की धारा को मोड़ने और कटान रोकने के प्रयास में जुटा हुआ है।
निष्कर्ष
सरयू नदी की बाढ़ ने ज्ञानकोल गांव के लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार कटान से जहां लोगों के घर खतरे में हैं, वहीं उनकी रोज़मर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो गई है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन ग्रामीण स्थायी समाधान की मांग पर अड़े हुए ह
