रोडवेज़ बस हादसा : गहरी खाई में गिरी बस, पाँच यात्रियों की मौत, कई गंभीर
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के काकोरी इलाके में गुरुवार की शाम एक बड़ा हादसा उस समय हो गया जब तेज़ रफ्तार रोडवेज़ बस अनियंत्रित होकर 45 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। हादसे में पाँच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक और परिचालक समेत 19 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ प्राथमिक इलाज के बाद कई लोगों को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
हादसे का कारण
प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के अनुसार, यह हादसा गुरुवार की शाम लगभग सात बजे हुआ। एक बाइक सवार को बचाने की कोशिश में ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। उसी समय वहाँ से गुजर रही रोडवेज़ बस ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई और संतुलन बिगड़ने पर गहरे गड्ढे में जा गिरी। बस की रफ्तार बहुत तेज़ होने के कारण वह आठ बार पलटी खाती हुई नीचे जा गिरी। बस के कई पहिए ऊपर की ओर हो गए और अंदर बैठे यात्री बुरी तरह फँस गए।
बस में सवार यात्री
बस में कुल 44 यात्री सवार थे। इनमें से पाँच की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बाकी घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। चालक और परिचालक दोनों को भी गहरी चोटें आई हैं। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग और पुलिस-प्रशासन की टीम तुरंत राहत-बचाव कार्य में जुट गई।
मुख्यमंत्री का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने तथा घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
हादसे के समय की स्थिति
जानकारी के अनुसार, बस कैसरबाग डिपो से रवाना होकर अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। चालक अनिल कुमार बस को संभालते हुए रास्ते में ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और देखते ही देखते पूरी बस खाई में समा गई।
घायलों का बयान
बस के परिचालक मोहम्मद रेहान ने बताया कि सड़क पर अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई थी। चालक ने बस को बचाने की कोशिश की लेकिन तेज रफ्तार के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और हादसा हो गया।
प्रशासन की कार्रवाई
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं। जेसीबी मशीन की मदद से यात्रियों को बाहर निकाला गया। घायलों को पहले काकोरी के अस्पताल ले जाया गया और फिर गंभीर घायलों को ट्रॉमा सेंटर शिफ्ट किया गया।
निष्कर्ष
यह हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही की वजह से हुआ। एक ओर जहाँ कई परिवार अपने प्रियजनों को खोने के दर्द में डूब गए हैं, वहीं घायलों का जीवन अभी भी संकट में है। यह दुर्घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन में सावधानी की आवश्यकता को रेखांकित करती है।