अयोध्या जिले के तारुन विकासखंड के ग्राम सिहोरिया में निवास करने वाले प्रगतिशील किसान राजित राम ने पारंपरिक खेती को पीछे छोड़ आधुनिक बागवानी तकनीकों को अपनाकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। मात्र 4.09 हेक्टेयर भूमि पर अमरूद और शिमला मिर्च की इंटरक्रॉपिंग से उन्होंने एक सीजन में 5.10 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमाया, जो उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है। राजित राम की इस सफलता को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जन भवन में आयोजित फल-फूल एवं शाकभाजी प्रदर्शनी में सराहा और उन्हें सम्मानित किया।
आधुनिक तकनीकों से खेती में क्रांति
राजित राम ने बताया कि उन्होंने इस सीजन में 4.09 हेक्टेयर क्षेत्र में अमरूद के पेड़ों के बीच शिमला मिर्च की फसल लगाई। इसमें ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग, इंटरक्रॉपिंग और स्टेप क्रॉपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का भरपूर उपयोग किया गया। ड्रिप इरिगेशन से पानी की बचत हुई, जबकि मल्चिंग ने मिट्टी की नमी बनाए रखी और खरपतवार नियंत्रण में मदद की। कुल निवेश 3.40 लाख रुपये रहा, जिसमें से उत्पादन से 8.50 लाख रुपये की आय हुई। 20 टन अमरूद और 14 टन शिमला मिर्च का उत्पादन स्थानीय मंडियों और मंडलीय स्तर पर बिक्री से अच्छा भाव दिलाया।
योगी सरकार की योजनाओं का सहयोग
योगी सरकार की किसान-समर्थक नीतियों ने राजित राम जैसे लघु किसानों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उद्यान विभाग द्वारा दी जा रही ड्रिप इरिगेशन और बागवानी मिशन पर सब्सिडी का लाभ उठाते हुए उन्होंने पारंपरिक फसलों से हटकर उद्यानिकी की ओर रुख किया। जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार तिवारी के अनुसार, अयोध्या में राम मंदिर के कारण बढ़ते पर्यटन से बागवानी फसलों की मांग बढ़ी है, जो अमरूद और शिमला मिर्च जैसे उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दे रही है। राजित राम कहते हैं, “पहले आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन सरकारी सहायता और नई तकनीकों से आय कई गुना बढ़ गई।”
राज्यपाल का सम्मान और प्रेरणा
शुक्रवार को जन भवन में हुई फल-फूल एवं शाकभाजी प्रदर्शनी में राजित राम की पीठ थपथपाते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ऐसे किसान प्रदेश की प्रगति के प्रतीक हैं। उनका नवाचारपूर्ण कार्य किसानों की आय दोगुनी करने में मिसाल है। यह सम्मान न केवल राजित राम के लिए, बल्कि पूरे सिहोरिया गांव और तारुन ब्लॉक के लिए गौरव का विषय है। अन्य किसान भी अब उनकी तर्ज पर बागवानी अपना रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
चुनौतियां और सफलता का राज
शुरुआत में राजित राम को मौसम की मार, बाजार भाव और तकनीकी ज्ञान की कमी
जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन उद्यान विभाग के प्रशिक्षण और
मिशनरीय योजनाओं से उन्होंने इन्हें पार किया। अमरूद की फसल लंबे समय तक लाभ देती है,
जबकि शिमला मिर्च ने तत्काल आय सुनिश्चित की।
विपणन रणनीति में स्थानीय मंडी के अलावा लखनऊ जैसे शहरों तक पहुंच बनाई।
यह ‘अयोध्या मॉडल’ अब पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय है।
अन्य किसानों के लिए सीख
राजित राम की कहानी साबित करती है कि सीमित भूमि पर भी आधुनिक खेती से लाखों की कमाई संभव है।
ड्रिप इरिगेशन से 40-50% पानी की बचत,
इंटरक्रॉपिंग से भूमि का अधिकतम उपयोग और मल्चिंग से उत्पादकता वृद्धि मुख्य सबक हैं।
योगी सरकार की मिशनरीय योजनाएं जैसे उत्तर प्रदेश बागवानी मिशन किसानों को सब्सिडी, बीज और प्रशिक्षण दे रही हैं।
अयोध्या जैसे धार्मिक पर्यटन केंद्रों में यह मॉडल और सफल हो सकता है।
