ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमले
ईरान हमले का असर लखनऊ बाजारों पर: सोना-चांदी और सूखे मेवों में तेजी
ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के बाजारों में दिखाई देने लगा है। राजधानी लखनऊ के प्रमुख बाजारों में सोना-चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है। साथ ही सूखे मेवों जैसे अंजीर, पिस्ता, बादाम और केसर के दाम भी बढ़ गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि खाड़ी देशों में शिपमेंट प्रभावित होने से सप्लाई चेन बाधित हुई है, जिससे दामों में इजाफा हुआ है।
सोना-चांदी में तेजी: वैश्विक अनिश्चितता का सीधा असर
ईरान हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को सुरक्षित निवेश माना जा रहा है। लखनऊ के चौरासी घाट और अमीनाबाद बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत में 2,000-2,500 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी आई है। चांदी भी 1,500-2,000 रुपये प्रति किलो महंगी हुई है। कारोबारी बताते हैं कि मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा बढ़ने से निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे वैश्विक कीमतें बढ़ीं और भारत में भी असर पड़ा। त्योहारी सीजन और शादियों के कारण मांग पहले से ही ऊंची थी, अब तनाव ने और इजाफा कर दिया है।
सूखे मेवों में उछाल: खाड़ी देशों से आयात प्रभावित
लखनऊ के हजरतगंज, अमीनाबाद और चौक बाजार में सूखे मेवों के दामों में 15-25% तक की बढ़ोतरी हुई है। ईरान से आने वाले अंजीर, पिस्ता और केसर के आयात में कमी आई है। ईरान हमले के बाद खाड़ी देशों में शिपिंग रूट प्रभावित हुए हैं। ईरान से सीधे या दुबई, अबू धाबी के रास्ते आने वाले माल में देरी हो रही है। कारोबारियों का कहना है कि स्टॉक खत्म होने की स्थिति है और नया माल आने में 15-20 दिन लग सकते हैं। इससे रामजान और होली-शादियों के सीजन में मांग पूरी नहीं हो पा रही। केसर के दाम 4-5 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक बढ़ गए हैं।
चिकनकारी निर्यात पर भी असर: खाड़ी देशों में मंदी
लखनऊ की प्रसिद्ध चिकनकारी उद्योग पर भी ईरान हमले का असर पड़ रहा है। खाड़ी देशों (दुबई, सऊदी अरब, कुवैत) में चिकनकारी की अच्छी मांग है, लेकिन युद्ध के कारण वहां व्यापार ठप है। ऑर्डर कैंसल हो रहे हैं और नए ऑर्डर नहीं आ रहे। चिकनकारी कारोबारी बताते हैं कि होली के बाद गर्मी में मांग बढ़ती है, लेकिन अब निर्यात प्रभावित होने से घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ेगा।
कई छोटे कारोबारी मशीनें बंद करने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
कारोबारियों की चिंता: आगे क्या होगा?
लखनऊ के कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है। सोना-चांदी में तेजी से निवेशक फायदा उठा रहे हैं,
लेकिन आम उपभोक्ता परेशान है। सूखे मेवों और चिकनकारी के कारोबारियों का कहना है कि
अगर तनाव लंबा चला तो स्टॉक खत्म हो जाएगा और दाम और बढ़ेंगे।
सरकार से अपील है कि वैकल्पिक रूट से आयात बढ़ाया जाए। अंतरराष्ट्रीय तेल
कीमतों में उछाल से ट्रांसपोर्ट कॉस्ट भी बढ़ रही है, जो कुल मिलाकर बाजार पर दबाव डाल रही है।
निष्कर्ष: युद्ध का असर भारतीय बाजारों पर
ईरान हमले का असर अब लखनऊ के बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है।
सोना-चांदी और सूखे मेवों में तेजी, निर्यात पर दबाव और कारोबारियों की बढ़ती
चिंता से साफ है कि मध्य पूर्व का तनाव भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।
स्थिति अगर और बिगड़ी तो त्योहारी सीजन और शादियों में महंगाई का असर और गहरा हो सकता है।