सर्दियों का मौसम आते ही भारतीय घरों में मछली की डिमांड तेज हो जाती है। मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड, हाई क्वालिटी प्रोटीन, विटामिन डी और सेलेनियम का बेहतरीन स्रोत है। यह ठंड में जोड़ों के दर्द को कम करने, इम्यूनिटी बढ़ाने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती है। लेकिन सवाल यह है – कौन सी मछली सुरक्षित है? नदी-तालाब वाली या फार्म में पाली गई?
नदी-तालाब की मछलियों में छिपे खतरे
नदियों, तालाबों और नहरों से आने वाली मछलियां प्रदूषित पानी में पलती हैं। फैक्ट्रियों का इंडस्ट्रियल वेस्ट, सीवेज, कृषि रसायन और प्लास्टिक कचरा इनमें घुल जाता है। एएमयू (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) के एग्रीकल्चर माइक्रोबायोलॉजी विभाग के शोधकर्ता शिरजील अहमद सिद्दीकी के अनुसार, बायोमैग्निफिकेशन और बायोअक्यूमुलेशन प्रक्रिया से मछली के टिश्यू में भारी धातुएं जैसे मरकरी, लेड, कैडमियम और आर्सेनिक जमा हो जाते हैं।
ये विषाक्त पदार्थ लंबे समय तक सेवन करने पर कैंसर, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं, लीवर डैमेज और बच्चों में विकास संबंधी विकार पैदा कर सकते हैं। गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए यह विशेष रूप से खतरनाक है।
सर्दियों में पानी का तापमान गिरने से मछलियां सुस्त हो जाती हैं और बैक्टीरिया, फंगस व परजीवी का संक्रमण आसानी से फैल जाता है। उत्तर भारत में गंगा, यमुना और घाघरा जैसी नदियों में औद्योगिक प्रदूषण के कारण समस्या और गंभीर है। इसलिए अनजाने स्रोत से मछली खरीदने से बचें और साप्ताहिक 2-3 बार से ज्यादा सेवन न करें।
फार्म रेज्ड मछली क्यों है सबसे सुरक्षित विकल्प?
फार्म में पाली गई मछलियां (रोहू, कतला, मृगल, पंगास, तिलापिया आदि) नियंत्रित तालाबों में उगाई जाती हैं। यहां पानी की क्वालिटी, pH (7-8), तापमान (20-27°C), ऑक्सीजन लेवल और फीड पर लगातार निगरानी रहती है। प्रमाणित एक्वाकल्चर फार्म्स में एंटीबायोटिक्स और हार्मोन का उपयोग सख्त नियमों के तहत होता है या बिल्कुल नहीं किया जाता।
सर्दियों में फार्मर्स तालाबों पर शेडिंग, एरेशन सिस्टम या हल्के हीटर का इस्तेमाल करते हैं,
जिससे मछलियां स्वस्थ और सक्रिय रहती हैं। कोई बाहरी प्रदूषण नहीं पहुंचता,
इसलिए भारी धातुओं और विषाक्त पदार्थों का खतरा न के बराबर होता है।
अध्ययनों में साबित हुआ है कि फार्म रेज्ड मछलियां पोषण मूल्य में बेहतर होती हैं और
सर्दियों में उपलब्धता भी ज्यादा रहती है।
सही मछली चुनने के लिए 5 जरूरी टिप्स
- हमेशा प्रमाणित फार्म या विश्वसनीय विक्रेता से ही खरीदें
- मछली की उत्पत्ति (फार्म या नदी) पूछकर पता करें
- ताजी मछली में चमकदार आंखें, लाल गलफड़े और सख्त शरीर होना चाहिए
- गंध से बचें – तेज बदबू वाले मछली न लें
- बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए फार्म मछली को प्राथमिकता दें
सर्दियों में फार्म मछली है सबसे सुरक्षित और पौष्टिक विकल्प
सर्दियों में मछली का सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन स्रोत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
शोध और विशेषज्ञों की राय स्पष्ट है – फार्म रेज्ड मछली नदी-तालाब की मछलियों की तुलना में कहीं ज्यादा सुरक्षित है।
प्रदूषण मुक्त, पोषण से भरपूर और रिस्क-फ्री – यही है सही चुनाव।